आगरा में 17 मार्च से बंद चल रहे ताजमहल सहित सभी स्मारकों को तभी खोला जाए जब विदेश से हवाई जहाज आने लगें और देश में सभी ट्रेनें शुरू हो जाएं। इसके पीछे उनका तर्क यह है कि स्मारक खोले जाने का फायदा तभी है जब सैलानी आएं। स्मारक खुला हो और सूना रहे तो क्या फायदा।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में ताजमहल से हर कारोबार किसी न किसी रूप में प्रभावित होता है। चार लाख लोगों की रोजी-रोटी तो सीधे तौर पर इससे जुड़ी हुई है। गाइड, फोटोग्राफर, टैक्सी ड्राइवर आदि बेरोजगार हो चुके हैं। ऐसे में पर्यटन उद्यमियों ने प्रशासन से मांग की है कि ट्रेन और हवाई उड़ानों शुरू कराया जाए।
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राजीव तिवारी अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ ट्रेवल एसोसिएशन
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल इस देश के पर्यटन का आइना है। अगर यही बंद रहेगा तो देश के अन्य स्मारकों पर कौन आएगा। ताजमहल को भी सुरक्षा मानकों का ख्याल रखते हुए खोला जा सकता है। सरकार ने स्मारक खोले हैं तो सैलानियों के लिए ट्रेनें और फ्लाइट भी शुरू करे - राजीव तिवारी अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ ट्रेवल एसोसिएशन
बाजार और दुकानों को जब खोला जा रहा है तो पर्यटन को भी धीमे-धीमे आगे बढ़ाने की जरूरत है। ताजमहल खुलने के 3 से 4 महीने तक तो पर्यटक आना मुश्किल है, लेकिन दुनिया को संदेश देना जरूरी है कि भारत सुरक्षित है और यहां पर्यटन शुरू हो चुका है। अगर ट्रेन और फ्लाइट शुरू हो जाएं तो हालात कुछ जल्दी सुधर सकते हैं - गौरव चौहान सचिव, आगरा टूरिज्म डेवलपमेंट फाउंडेशन
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आगरा किला पर बंदी का नोटिस चस्पा
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली-गोवा समेत कई राज्यों में पर्यटन स्थलों और स्मारकों को खोल दिया है। ऐसे में ताज, किला और सीकरी को खोलना जरूरी है। 4 लाख लोग अपने काम पर तो लौटेंगे। ट्रेन और फ्लाइट न चलने के कारण ही होटल खाली हैं - संजीव भारती महासचिव, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन
पहले रेल, हवाई और बस यातायात को पूरी तरह से सामान्य किया जाए। पर्यटकों के आने की राह आसान करनी होगी। ताजमहल के खोले जाने को लेकर सतर्कता और सुरक्षा के उपाय बेहद जरूरी है - राजेश अग्रवाल, अध्यक्ष शहीद भगत सिंह पेठा कुटीर एसोसिएशन