ताजमहल में संदल की रस्म अदा कर फातिहा (कुरान का पाठ) दी गई, फातिहा के बाद देश के अमन और अमान की दुआ मागी गई।
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ताजमहल परिसर में शहनाई बजाते कलाकार
- फोटो : अमर उजाला
मुगल बादशाह शाहजहां के तीन दिवसीय उर्स में पूरे दिन ताजमहल परिसर में कव्वालियां और शहनाई बजती रहीं। इस मौक़े पर पुरातत्व विभाग से अंकित नामदेव, राजकुमार कपूर, ताजमहल उर्स कमेटी के अध्यक्ष सै. इब्राहिम जैदी, जाहिद, नईम, इकबाल, मुफ्ती मुदस्सर, मौलाना तनबीर, आरिफ, मुनव्वर अली, ताहिर, आसिम बेग आदि मौजूद थे।
इससे पहले आतंकी हमलों की निंदा करते हुए पुलवामा हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। ताहिर उद्दीन ताहिर ने तवरुक सभी में वितरित किया। अपने को मुगल वंशज कहने वाले कथित प्रिंस तूसी ने भी उर्स में परिवार सहित शिरकत की।
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शाहजहां और मुमताज की कब्र पर चढ़ाए गुलाब
- फोटो : अमर उजाला
पूरे महीने पीसे जाने वाले चंदन के बुरादे को गुलाब जल में मिलाकर शाहजहां-मुमताज की कब्र से लगाया गया। इसके बाद एक सफेद चादर बिछाई गई। इसके बाद आकर्षक चादर कब्र पर बिछाई गई। कब्रों पर गुलाब चढ़ाए गए।
उर्स के दौरान ताजमहल परिसर में पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
उर्स के तीसरे और अंतिम दिन पूरे दिन प्रवेश नि:शुल्क रखा गया है। सुबह कुलशरीफ और कुरानख्वानी के बाद दोपहर में चादरपोशी, गुलपोशी के साथ पंखे चढ़ाने का कार्यक्रम हुए। हिंदुस्तानी सतरंगी चादर खुद्दाम-ए-रोजा कमेटी द्वारा चढ़ाई गई। यह चादर 1221 मीटर लंबी है। पिछले वर्ष 1111 मीटर लंबी चादर चढ़ाई गई थी।