देश में कोरोना वायरस का प्रभाव शुरू हुए पांच महीने हो गए हैं। इससे बचाव के लिए पहली बार 22 मार्च को 'जनता कर्फ्यू' लगा था। इसके बाद 24 मार्च की रात से लॉकडाउन लागू हुआ था। लॉकडाउन के चार चरणों के बाद एक जून से अनलॉक शुरू हो गया। इसके तहत कई धार्मिक और एतिहासिक स्थलों को खोल दिया गया है, लेकिन आगरा में संक्रमण के कारण संरक्षित स्मारकों पर अभी भी ताला लगा हुआ है। शाहजहां और मुमताज की मोहब्बत की मिसाल ताजमहल पर भी सन्नाटा पसरा है। पहली बार ताजमहल इतने लंबे समय तक वक्त हुआ है। अगली स्लाइड्स में देखिए कोरोना काल से पहले और आज की तस्वीरें....
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ताजमहल आगरा
- फोटो : PTI
जिस संगमरमरी स्मारक ताजमहल के दीदार के लिए दुनियाभर से सैलानी आते थे, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। ताजमहल को बंद हुए पांच महीने से ज्यादा हो चुके हैं। यह पहला मौका है जब ताजमहल, सिकंदरा, फतेहपुर सीकरी सहित सभी स्मारक इतने लंबे समय तक बंद रहे हैं। इस पाबंदी से लगभग चार लाख लोगों का रोजगार ठप है।
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ताजमहल आगरा
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना के कारण 17 मार्च से 31 मार्च तक ताजमहल और आगरा किला समेत सभी स्मारक को बंद करने के आदेश जारी किए गए थे। लेकिन जनता कर्फ्यू के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में 21 दिन के संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी। लॉकडाउन के चार चरणों के बाद अनलॉक भी शुरू हो गया, लेकिन ताजमहल के दरवाजे पर्यटकों के लिए नहीं खुले। 372 साल में पहली बार लगातार इतने लंबे समय के लिए ताजमहल बंद हुआ है। जो एक अनचाहा रिकॉर्ड है।
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ताजमहल आगरा
- फोटो : अमर उजाला
17 मार्च से पहले सिर्फ शुक्रवार को छोड़कर ताजमहल पर्यटकों से गुलजार रहता था। प्रतिदिन औसतन 18 हजार देशी-विदेशी पर्यटक ताजमहल के दीदार को आते थे। वीकंड पर तो पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती थी। इससे ताजमहल में मेले जैसा नजारा दिखाई देता था। लेकिन वो तस्वीर अब सन्नाटे में तब्दील हो गई।
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ताजमहल आगरा (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में तीन विश्वदाय स्मारक हैं- ताजमहल, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी। जो पर्यटक ताजमहल आते थे, वो इन स्मारकों पर भी जाते थे। लेकिन कोरोना के कारण यहां भी सन्नाटा है। हालांकि जिला प्रशासन ने बफर जोन खत्म करते हुए ताजमहल और आगरा किला छोड़कर अन्य स्मारकों को एक सितंबर से खोलने के निर्देश दे दिए हैं।
ताजमहल समेत अन्य स्मारक बंद होने से पर्यटन से जुड़े लोगों और सरकार को भारी नुकसान हुआ है। टिकट से करीब 148 करोड़ रुपये की सालाना कमाई है। पर्यटन उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। चार लाख से ज्यादा लोगों का रोजगार ताजमहल का निर्भर था। आज इनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।