फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डॉ. दीप्ति की मौत का मामला: सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच ने दिए सीबीआई जांच के आदेश

Fri, 18 Dec 2020 12:04 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 6
डॉक्टर दीप्ति (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
आगरा के ताजगंज क्षेत्र के विभव नगर स्थित विभव वैली व्यू अपार्टमेंट के फ्लैट में डॉ. दीप्ति अग्रवाल की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच ने सीबीआई जांच के आदेश किए हैं। ससुर, सास, जेठ और जेठानी को हाईकोर्ट से मिली अग्रिम जमानत के आदेश को भी खारिज कर दिया। डॉ. दीप्ति के पिता डॉ. नरेश मंगला ने आरोपियों की अग्रिम जमानत के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। इस पर गुरुवार को आदेश किया गया।
विज्ञापन

2 of 6
पति डॉ. सुमित अग्रवाल के साथ डॉक्टर दीप्ति (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
विभव वैली व्यू अपार्टमेंट निवासी डॉ. दीप्ति अग्रवाल तीन अगस्त को अपने फ्लैट में फंदे में लटकी मिली थीं। उन्हें पति डॉ. सुमित अग्रवाल ने अपने प्रतापपुरा स्थित सफायर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया था। सूचना पर पहुंची पुलिस को बताया था कि डॉ. दीप्ति फंदे पर लटकी मिलीं। वह उन्हें उतारकर यहां लेकर आए हैं। हालत में सुधार नहीं होने पर डॉ. दीप्ति को फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल में रेफर किया गया था। छह अगस्त को इलाज के दौरान डॉ. दीप्ति की मृत्यु हो गई थी।
विज्ञापन

3 of 6
डॉक्टर दीप्ति की मौत का मामला - फोटो : अमर उजाला
मामले में डॉ. दीप्ति के पिता डॉ. नरेश मंगला (निवासी कोसी, मथुरा) ने सात अगस्त को दीप्ति के पति सुमित, ससुर डॉ. एससी अग्रवाल, सास अनीता अग्रवाल, जेठ डॉ. अमित अग्रवाल और जेठानी डॉक्टर तूलिका अग्रवाल के खिलाफ दहेज मृत्यु, दहेज उत्पीड़न, मारपीट, जान से मारने की धमकी, दहेज मांगने, गर्भपात कराने की धारा में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने आठ अगस्त को पति डॉक्टर सुमित अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें जेल भेजा गया। 

4 of 6
पति डॉ. सुमित अग्रवाल के साथ डॉक्टर दीप्ति (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने डॉ. सुमित अग्रवाल को जेल भेजने के बाद अन्य आरोपियों के गैर जमानती वारंट लिए, लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका। बाद में आरोपियों ने अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया। मगर, प्रार्थनापत्र खारिज हो गया। बाद में ससुराली हाईकोर्ट गए। हाईकोर्ट से डॉ. एससी अग्रवाल, अनीता अग्रवाल, डॉ. अमित अग्रवाल और तूलिका अग्रवाल को अग्रिम जमानत मिल गई। हालांकि बाद में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में 24 अक्तूबर को चार्जशीट लगाई। सीओ सदर महेश कुमार ने गर्भपात की धारा को साक्ष्यों के अभाव में हटा दिया, जबकि अन्य धारा लगी रहीं।
विज्ञापन

5 of 6
डॉ. दीप्ति के पिता डॉ. नरेश मंगला - फोटो : अमर उजाला
डॉक्टर नरेश मंगला ने बताया कि पुलिस ने शुरू से विवेचना में लापरवाही की। उन्होंने मुख्यमंत्री और डीजीपी से भी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। मुकदमे की जांच ट्रांसफर की मांग की थी। आरोपियों को अग्रिम जमानत मिलने पर 27 अक्तूबर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली।
डॉ. नरेश मंगला की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता संजय खरड़े और शेखर नेफड़े ने अपील की। संजय खरड़े ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच ने सीबीआई जांच के आदेश किए हैं। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी ने हाईकोर्ट के उस आदेश को भी खारिज कर दिया, जिसमें सास, ससुर, जेठ और जेठानी को अग्रिम जमानत मिली थी। अग्रिम जमानत का आदेश हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने दिया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें