डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की एमबीबीएस और बीएएमएस की परीक्षा की कॉपियां बदलने के मामले की एसटीएफ जांच कर रही है। कॉपियां बदलने से लेकर पूर्व में हुए फर्जीवाड़े की परतें उधेड़ी जा रहीं हैं। एसटीएफ ने अब विश्वविद्यालय प्रशासन से कालेजों की संबद्धता का पांच साल का रिकॉर्ड जल्द उपलब्ध कराने को कहा है।
बीएएमएस की परीक्षा में कॉपियां बदलने का मामला 27 अगस्त को सामने आया था। पुलिस ने सबसे पहले एक टेंपो चालक देवेंद्र को जेल भेजा था। इसके बाद डॉ. अतुल यादव को पकड़ा था। कॉपियां लिखने वाले पुनीत और दलाल दुर्गेश ठाकुर को जेल भेजा था। छात्र नेता राहुल पाराशर समर्पण करके जेल चला गया था। थाना हरीपर्वत में तीन मुकदमे दर्ज हुए थे। इसमें एक मुकदमा कॉपियां बदलने के मामले में दर्ज हुआ, जबकि दो मुकदमे बीएएमएस परीक्षा की 14 कॉपियां और एमबीबीएस की 26 कॉपियां किसी और से लिखवाने के मामले में है।