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Exclusive: सौ-सौ रुपये के स्टांप पर बेचे 25-25 लाख के फ्लैट, 122.55 करोड़ रुपये की स्टांप चोरी का हुआ खेल

Tue, 06 Sep 2022 10:10 AM IST
धीरेन्द्र सिंह देश दीपक तिवारी, आगरा

सार

 एडीएम द्वारा डीएम को भेजी रिपोर्ट में खुलासा हुआ, जिसके बाद अब मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
 
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स्टांप चोरी (सांकेतिक तस्वीर)
आगरा में सौ-सौ रुपये के स्टांप पर बिल्डरों ने 25-25 लाख कीमत के फ्लैट बेच दिए। बिना स्टांप शुल्क दिए खरीददारों को कब्जे मिल गए। बिल्डर, दलाल और सब रजिस्ट्रार के गठजोड़ से यह ‘खेल’ चला। विभिन्न प्रोजेक्ट में 3983 फ्लैट व अपार्टमेंट की बिक्री में 122.55 करोड़ रुपये की स्टांप चोरी हो गई। एडीएम द्वारा डीएम को भेजी रिपोर्ट से खुलासा हुआ है। जिसके बाद डीएम प्रभु एन सिंह ने बैनामा नहीं कराने वालों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

रजिस्ट्री दफ्तर में हुए स्टांप चोरी के ‘खेल’ में सबसे ज्यादा राजस्व क्षति बिल्डर्स व कॉलोनाइजर्स ने पहुंचाई है। जिन संपत्तियों पर कुल कीमत का 7% स्टांप शुल्क मिलना था, वो संपत्तियां 100-100 रुपये के स्टांप पेपर पर बिक गईं। 100 रुपये के स्टांप पर ही नोटरी एग्रीमेंट हो गए। पावर ऑफ अटार्नी से भी स्टांप चोरी हुई। इस तरह 25 से 50 लाख रुपये कीमत की संपत्तियां बिना स्टांप शुल्क अदा किए ही बिक गईं। एडीएम वित्त यशवर्धन श्रीवास्तव ने यह रिपोर्ट डीएम को भेजी। 

 
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आगरा के डीएम प्रभु एन. सिंह - फोटो : अमर उजाला
जिसके बाद डीएम प्रभु एन सिंह ने अब सहायक महानिरीक्षक निबंधन को 100 रुपये के स्टांप पर हुए सभी मामलों में स्टांप एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज के आदेश दिए हैं। सभी कब्जा हस्तांतरण, एग्रीमेंट व पावर ऑफ अटार्नी की जांच होगी। जो बिल्डर इसमें सहयोग नहीं करेगा उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए डीएम ने रिपोर्ट मांगी है। साथ ही एडीए सचिव, यूपीएसआईडीसी क्षेत्रीय प्रबंधक व अधीक्षण अभियंता आवास विकास को इसमें सहयोग के निर्देश दिए हैं।
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रजिस्ट्री दफ्तर - फोटो : अमर उजाला

रजिस्ट्री दफ्तर में 35 से अधिक निजी कर्मी

सदर तहसील स्थित रजिस्ट्री दफ्तर में 35 से अधिक प्राइवेट कर्मचारी हैं। जो सब रजिस्ट्रार व अधिकारियों के कारखास हैं। प्राइवेट कर्मियों पर अवैध वसूली के अक्सर आरोप लगते रहते हैं। रजिस्ट्री दफ्तर में पूर्व में कई सब रजिस्ट्रार, बाबू व प्राइवेट कर्मी रिश्वत लेते भी कैमरे में कैद हो चुके हैं, परंतु इनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं होती।

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सदर तहसील - फोटो : अमर उजाला

बिल्डरों से मिले हुए हैं सब रजिस्ट्रार

सब रजिस्ट्रार बिल्डरों से मिले हुए हैं। दलालों से उनकी सांठगांठ है। बिना सब रजिस्ट्रार की मिलीभगत के बैनामों व रजिस्ट्री में स्टांप चोरी संभव नहीं है। स्टांप चोरी का पैसा अधिकारियों में बंटता होगा। यदि उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तो अरबों का स्टांप का घोटाला सामने आएगा। - लाल बहादुर राजपूत, अध्यक्ष, सदर तहसील बार एसोसिएशन
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सदर तहसील - फोटो : अमर उजाला

दर्ज कराएं जा रहे हैं मुकदमे

संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में स्टांप चोरी करने वालों के विरुद्ध जिलाधिकारी के आदेश पर मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। 100 रुपये के स्टांप पर कब्जा हस्तांतरण हुए हैं। कार्रवाई के लिए एग्रीमेंट व अन्य दस्तावेज एकत्र कराए जा रहे हैं। - यशवर्धन श्रीवास्तव, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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सदर तहसील - फोटो : अमर उजाला

फैक्ट फाइल...

- 1153.45 करोड़ रुपये स्टांप आय का लक्ष्य वर्ष 2022-23 में
- 287.12 करोड़ रुपये स्टांप से जुलाई तक राजस्व प्राप्त हुआ है
- 24.89% स्टांप ही वसूला जा सका जुलाई में लक्ष्य के मुकाबले
- 122.55 करोड़ रुपये स्टांप चोरी की बिल्डर व कॉलोनाइजर्स ने
- 10573 संपत्तियों में सरकार को नहीं मिला 165 करोड़ का स्टांप
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