पश्चिम बंगाल में जूनियर चिकित्सकों के साथ हुई मारपीट का मामला तूल पकड़ रहा है। आगरा में निजी चिकित्सक भी बंगाल के चिकित्सकों के समर्थन में आए हैं। सोमवार को निजी चिकित्सकों ने हड़ताल का एलान किया। वहीं एसएन मेडिकल कॉलेज में जूनियर चिकित्सकों ने ओपीडी को बंद कराकर विरोध प्रकट किया।
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एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी बंद कराते जूनियर चिकित्सक
- फोटो : अमर उजाला
एसएन मेडिकल कालेज जूनियर डाक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. भूपेंद्र चाहर का कहना है कि वह हड़ताल में शामिल नहीं हैं, लेकिन सभी डाक्टर काली पट्टी बांधकर चिकित्सकीय कार्य करेंगे। वहीं सोमवार सुबह जूनियर चिकित्सक एकत्रित होकर आए और एसएन की ओपीडी को बंद करा दिया। ओपीडी बंद होने से मरीज परेशान रहे।
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एसएन की ओपीडी पर आए मरीज
- फोटो : अमर उजाला
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार वत्स ने कहा था कि निजी चिकित्सकों की हड़ताल को देखते हुए एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी, जिला अस्पताल इमरजेंसी समेत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक अलर्ट पर किया है। निजी चिकित्सकों की हड़ताल को देखते हुए एसएन प्राचार्य समेत सभी सीएचसी प्रभारियों को अपने यहां अतिरिक्त व्यवस्थाएं रखने के निर्देश दिए हैं। लेकिन, जूनियर चिकित्सकों द्वारा एसएन की ओपीडी बंद कराने से सभी व्यवस्थाएं चरमरा गईं।
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जूनियर चिकित्सकों द्वारा ओपीडी बंद कराने के बाद बाहर खड़े मरीज
- फोटो : अमर उजाला
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अध्यक्ष डॉ. अशोक शिरोमणि का कहना है कि आगरा में सभी सदस्य हड़ताल पर हैं। इमरजेंसी सेवाएं चालू रखी गई हैं। अन्य किसी मरीज को नहीं देखा जाएगा। वहीं एसएन की ओपीडी में भी जूनियर चिकित्सकों ने बंदी का एलान किया तो वहां मौजूद मरीज और तीमारदार बाहर खड़े होकर खिड़की खुलने का इंतजार करते रहे।
जूनियर चिकित्सकों द्वारा ओपीडी बंद कराने के बाद बैठे मरीज
- फोटो : अमर उजाला
एसएन मेडिकल कॉलेज में रविवार को ओपीडी बंद थी। सोमवार को जब ओपीडी खुली तब मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी। लेकिन, पश्चिम बंगाल की घटना से गुस्साए जूनियर चिकित्सकों ने बाह्य रोग विभाग को बंद करा दिया। बंगाल सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्होंने चिकित्सकों को सुरक्षा देने की मांग उठाई।