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Hunar Haat: शिल्पग्राम में गजल सम्राट पंकज उदास के सुरों पर झूमे लोग, भूमिका मलिक और रीत मिश्रा ने भी बांधा समां

Thu, 26 May 2022 09:07 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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गजल गायक पंकज उदास - फोटो : अमर उजाला
आगरा के शिल्पग्राम में बुधवार की शाम मशहूर गजल गायक पंकज उदास के नाम रही। उन्होंने ऐसे सुर साधे कि लोग झूम उठे। हुनर हाट का पंडाल देर रात तक खचाखच भरा रहा। पंकज उदास ने निकलो न बेनकाब जमाना खराब है... और चिठ्ठी आई है आई है चिट्ठी आई है... गाया तो महफिल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी। पहले प्ले बैक सिंगर भूमिका मलिक और रीत मिश्रा ने भी अपनी गायकी से दर्शकों का दिल जीत लिया।

पंकज उदास ने बुधवार रात नौ बजे मंच संभाला। सबसे पहले चांदी जैसा रंग है तेरा, सोने जैसे बाल... गाया। गजल का सिलसिला शुरू हुआ, जो रफ्ता-रफ्ता बुलंद होता गया। दर्शकों की फरमाइश पर गजल की जगह पंकज ने फिल्मी गीत गाए। मोहरा फिल्म का गाना न कजरे की धार, न मोतियों का हार...। जिएं तो जिएं कैसे बिन आपके...। आखिर में चिट्ठी आई है आई है चिट्ठी आई गाया, तो पंडाल में मौजूद श्रोता भाव विभोर हो गए। 
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गायक भूमिका मलिक - फोटो : अमर उजाला
पंकज उदास से पहले प्ले बैक सिंगर भूमिका मलिक ने माहौल बनाया। भूमिका ने घाघरा... गुलाबी आंखें जो तेरी देखीं...। पिया तू अब तो आजा...। सजना री वारी वारी जाऊ मैं... गाकर दर्शकों को थिरकने पर मजबूर किया। फिर रीत मिश्रा ने शानदार गाने प्रस्तुत किए। किशोर कुमार की आवाज में उनके गीतों ने महफिल को जवां कर दिया। 
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आग से जली साड़ी, बड़ा हादसा टला - फोटो : अमर उजाला
शिल्पग्राम में चल रहे हुनर हाट में बुधवार शाम करीब सात बजे भागलपुर बिहार की साड़ी स्टॉल में आग लगने से हड़कंप मच गया। तत्काल लोगों ने पानी व अग्निशमन उपकरण की मदद से आग पर काबू पा लिया। इस दौरान कुछ साड़ियां जल गई। हालांकि बड़ा हादसा नहीं हुआ है, लेकिन अग्निकांड की घटना से सुरक्षा व इंतजाम को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां 32 राज्यों के 800 से अधिक कलाकारों ने 320 स्टॉल लगाई हैं।
 

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हुनर हाट में खरीदारी करती युवतियां - फोटो : अमर उजाला
हुनर हाट में लोग परिवार संग लुत्फ उठा रहे हैं। सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक यहां लोगों का आना जाना लगा रहता है। प्रवेश निशुल्क है। शाम को रौनक बढ़ जाती है। हुनर हाट में लकड़ी, बांस व धातुओं के अलावा पत्थर, कपड़े पर हस्तशिल्प की प्रदर्शनी लगी है। 29 मई तक चलने वाली इस हाट में लोग खूब लुत्फ उठा रहे हैं।
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हुनर हाट की एक स्टॉल पर चादर देखती युवतियां और महिला - फोटो : अमर उजाला
हुनर हाट में सजावट और घर की जरूरत के एक से बढ़कर एक सामान हैं। इन सबके बीच लकड़ी की ज्वैलरी और बागपत की चादरें ग्राहकों को ज्यादा लुभा रही है। हाट में करीब 12 स्टॉल बागपत की चादरों के हैं। लोग खरीदारी भी खूब कर रहे हैं। लकड़ी से बनी ज्वैलरी महिलाओं को खूब आकर्षित कर रही है। 
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