श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा के जन्मस्थान मंदिर में सबसे पहले कान्हा के जन्म का अभिषेक चांदी से निर्मित गाय के 51 किलो दूध से होगा। इसके बाद दही, घी, बूरा, शहद और दूध से महाभिषेक किया जाएगा। वहीं वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में 23 अगस्त की रात 12 बजे गर्भगृह में ठाकुर जी का महाभिषेक किया जाएगा। इसके बाद वर्ष में एक बार होने वाली मंगला आरती रात 1:55 बजे की जाएगी। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तों पर लाला की छीछी लुटाई जाएगी।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा और सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि 24 अगस्त को मनाई जाने वाली श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण का अभिषेक स्वर्ण जड़ित चांदी से बनी गाय के दूध से होगा। इसमें श्रीकृष्ण के जन्म लेते ही स्वत:चालित यंत्रों से कामधेनु गाय के थन से दूध निकलने लगेगा। रात्रि 12:15 से 12:30 तक अभिषेक चलेगा। 12:30 से 12:40 तक शृंगार आरती के दर्शन होंगे।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
जन्म महाभिषेक का अलौकिक आकर्षण रात्रि 12 बजे भगवान के प्राकट्य के साथ संपूर्ण मंदिर परिसर में शंख, ढोल, नगाड़े के साथ मृदंग बज उठेंगे। मुख्यद्वार पर लगे पीए सिस्टम माध्यम से कृष्ण जन्मभूमि से शंखनाद का अलौकिक आनंद मथुरावासी ले सकेंगे। कान्हा के जन्म के साथ ही मंदिर प्रांगण में विभिन्न प्रकार के फूलों की वर्षा होगी।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
इस बार ठाकुरजी पुष्प तेजोमहल में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। पत्र, पुष्प और काष्ठ से बनाए जाने वाले इस बंगले की छठा और कला अनूठी होगी। ठाकुरजी रेशम, जरी एवं रत्नों से प्रतिकृति के सुंदर मृगांक कौमुदी (चंद्र ज्योत्सना) पोशाक धारण करेंगे। प्राकट्य और अभिषेक रजत कमल पुष्प में होगा। साथ ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुरजी प्रात: मंगला के बाद इस दिव्य पोशाक को धारण कर दर्शन देंगे।
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बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में 23 अगस्त को जन्माष्टमी मनाई जाएगी। मंदिर परिसर में गोस्वामी अपने लाड़ले के जन्म की खुशी में खिलौने, बर्तन, वस्त्र, रुपये, मिठाई, फल, मेवा लुटाएंगे। सेवायत अशोक गोस्वामी ने बताया कि नंदोत्सव पर भगवान जगमोहन में भक्तों को दर्शन देंगे। केसर दही जो भक्तों के बीच लुटाया जाता है। उसे भक्तजन लाल की छीछी का रूप में मानते हैं और उसे पाने का हर संभव प्रयास करते हैं।
नंदगांव-बरसाना की विशेष परंपरा के अनुसार रक्षाबंधन के ठीक आठ दिन बाद यहां श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाता है। इसी कारण नंदगांव में भी 23 अगस्त को जन्माष्टमी मनाई जाएगी। अगले दिन 24 अगस्त को नंदोत्सव मनाया जाएगा। अष्टमी की संध्या से ही बरसाना के गोस्वामी समाज के लोग नंद भवन पहुंचते हैं।