मौसम के बदलते ही साइबेरियन पक्षियों को गिरिराज जी की तलहटी भाने लगी है। सर्दियों में तलहटी के आसपास अनेक देशों के पक्षी अपना डेरा जमा रहे हैं। इसमें उजबेकिस्तान, कजाकिस्तान, मंगोलिया व तिब्बत समेत अन्य देशों से आने वाले पक्षियों की अनेक प्रजातियां शामिल हैं। यहां पिछले तीन सालों के दौरान इस बार सबसे अधिक प्रवासी पक्षी इन दिनों नजर आ रहे हैं। धार्मिक क्षेत्र मथुरा जनपद के जोधपुर झाल, गोवर्धन नाला, सोनोठ, वृंदावन, खायरा, कोकिला वन, गोकुल बैराज, कोयला-अलीपुर व यमुना नदी में तो प्रवासी पक्षी शरण पा ही रहे हैं, साथ ही गोवर्धन पर्वत के परिक्रमा मार्ग में पूछरी व राधाकुंड के पास हजारों की संख्या में प्रवासी पक्षियों की उपस्थिति देखी जा रही है। गोवर्धन पर्वत की बड़ी परिक्रमा में पूछरी के लोटा से तीन किलोमीटर कुम्हेर रोड स्थित मथुरा-भरतपुर की सीमा पर प्रवासी पक्षियों ने अपना बसेरा बना लिया है। यह पक्षी पिछले तीन साल से यहां नियमित सर्दियों के मौसम में नजर आते हैं।