दुष्कर्म का आरोपी
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पीड़ित युवती के परिजनों का कहना था कि विप्र जाति में पैदा होना किसी अभिशाप से कम नहीं। अगर यही घटना किसी अन्य जाति के किसी परिवार के सदस्य के साथ होती तो नेताओं एवं सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों का जमावड़ा लगा रहता और उनमें हर संभव न्याय दिलाने और सहायता करने की होड़ लगी रहती। हालांकि प्रशासन ने एक आरोपी को पकड़कर घटना का खुलासा करने का दावा तो किया है, लेकिन जब तक सभी आरोपियों को फांसी के फंदे तक नहीं पहुंचाया जाता, तब तक उनके घाव नहीं भर पाएंगे।