आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में डॉक्टर रजनीकांत शर्मा के घर में 24 मई को लूटपाट केके नगर के ही बदमाशों ने की थी। पुलिस ने वारदात में शामिल सात बदमाशों को 36 घंटे बाद गिरफ्तार करके यह खुलासा किया है। गैंग का सरगना विपिन सिंह सिकंदरा क्षेत्र में मुठभेड़ में गिरफ्तार हुआ। उसके पैर में गोली लगी। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह पूर्व में हरीपर्वत क्षेत्र में हत्या और लूट के मामले में जेल भेजा गया था। बदमाशों से 5.75 लाख रुपये, लैपटॉप, दस मोबाइल, बाइक सहित अन्य सामान बरामद किया गया है। आईजी रेंज नवीन अरोरा ने बताया कि 24 मई को केके नगर में डॉ. रजनीकांत शर्मा के घर में परिवार को बंधक बनाकर चार बदमाशों ने लूट की थी। घटना के खुलासे के लिए सात टीमों को लगाया था। एसएसपी मुनिराज जी और एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद टीम का नेतृत्व कर रहे थे। 36 घंटे बाद बदमाशों को पकड़ने में सफलता मिल गई।
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आगरा लूटकांड: मुठभेड़ में घायल हुआ बदमाश
- फोटो : अमर उजाला
लूटकांड का मास्टरमाइंड केके नगर में सेंट मैरी स्कूल के पास का रहने वाला विपिन है। उसे मुखबिर की सूचना पर गुरुवार तड़के सिकंदरा के जेसीबी चौराहे के पास घेर लिया गया। बाइक सवार विपिन और उसके साथी ओम ने पुलिस पर फायरिंग की। पुलिस ने जवाब में गोली चलाई। इसमें विपिन पकड़ा गया। ओम भागने में सफल रहा। विपिन के पैर में गोली लग गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। उससे पूछताछ में छह और बदमाशों के नाम पता चले। वह आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर 16 में एक किराये के मकान में रह रहे थे। पुलिस ने बाकी बदमाशों को भी पकड़ लिया।
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आगरा लूटकांड: डॉक्टर से जानकारी लेती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
आईजी ने बताया कि डॉ. रजनीकांत के दो मकान केके नगर के पास थे। इनमें एक मकान को उन्होंने एक महीने पहले बेचा था। इस मकान को बिकवाने में विपिन के पिता बिजेंद्र सिंह और विपिन के दोस्त सचिन के पिता लाखन सिंह ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। इसमें दोनों को कमीशन भी मिला था।
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डॉक्टर के घर लूट का मामला: मुठभेड़ के स्थान पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
विपिन को पता था कि पिता ने जिसका मकान बिकवाया है, वो डॉक्टर हैं। वह सरकारी कर्मचारी हैं। इतनी रकम खाते में जमा नहीं करेंगे। इसलिए उसे उनके घर में 14 लाख से अधिक रुपये मिलने की उम्मीद थी। उसने अपने साथी सचिन के साथ लूट की योजना बनाई। बाद में अपने छह और साथियों को शामिल कर लिया।
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पीड़ित डॉक्टर के घर के बाहर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
23 मई को डॉक्टर के घर की रेकी की
डॉक्टर को अपना एक और मकान बेचना था। उसकी कीमत तकरीबन 12 लाख लगाई थी। 23 मई को विपिन और उसके साथियों ने डॉक्टर के घर की रेकी की। उनके मकान को खरीदने के बहाने बात करने भी गए। तब किरायेदार का नाम लिया। इससे डॉक्टर को शक नहीं हुआ। बाद में एडवांस देने के बहाने घर में घुस गए।
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आगरा लूटकांड: पीड़ित परिवार
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घटना करने घर के अंदर विपिन, अरुण, विशाल और गणेश गए थे, जबकि सचिन, लखन यादव, मनीष शर्मा और विशाल बाहर खड़े होकर नजर बनाए हुए थे। वारदात के बाद टूंडला भागे थे। इसके बाद वापस आ गए थे। सीसीटीवी कैमरों में आरोपियों के फुटेज आए थे। इससे बदमाशों की पहचान हो गई। पुलिस को पहले ही शक डॉक्टर के किरायेदार और पूर्व में मकान बिकवाने में एजेंट की भूमिका निभाने वाले बिजेंद्र और लाखन सिंह पर था। पुलिस ने उनसे पूछताछ की। इसके बाद पुलिस को सुराग मिल गए।
पुलिस की गिरफ्त में लूट के आरोपी
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इनकी हुई गिरफ्तारी
केके नगर के रहने वाले विपिन, सचिन चौहान, लखन यादव, मनीष शर्मा, अरुण पाल, विशाल और बाईंपुर रोड निवासी गणेश को गिरफ्तार किया है। वहीं केके नगर का ही ओम सिकरवार फरार है। आरोपियों के पास से 5.75 लाख रुपये, एक लैपटॉप, 10 मोबाइल, लूटी हुई पल्सर बाइक, छह एटीएम कार्ड, तीन तमंचे, पांच कारतूस, दो चेन, एक अंगूठी, एक कड़ा बरामद किया गया है।