आगरा के चर्च रोड पर सेंट पॉल्स स्कूल के समीप सोमवार को ऐसा हादसा हुआ, जिसे देखकर लोगों का कलेजा कांप गया। एक यूनीपोल पर बैनर लगाते समय मजदूर को हाईटेंशन लाइन से करंट लग गया। हादसे के बाद मजदूर पैर फंसा होने की वजह से पोल में लटका रह गया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। मगर, पोल से मजदूर को उतारने की हिम्मत नहीं कर सकी। बाद में स्कूल के गार्ड ने हिम्मत दिखाते हुए मजदूर को एक घंटे बाद पोल से उतार लिया। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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घटनास्थल पर लोगों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
चर्च रोड पर सेंट पॉल्स स्कूल के पास एक निजी कंपनी का यूनीपोल लगा हुआ है। सोमवार दोपहर तकरीबन 1:30 बजे पोल पर एक मजदूर किशोरपुरा, जगदीशपुरा निवासी विजय बैनर लगा रहा था। यूनीपोल के बगल से ही हाईटेंशन लाइन जा रही है।
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मजदूर को नीचे उतारने का प्रयास करता स्कूल का गार्ड
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मजदूर पोल में पैर फंसाकर कार्य कर रहा था। अचानक उसका हाथ हाईटेंशन लाइन से छू गया। इससे चिंगारी के साथ धमाका हुआ। मजदूर को करंट लग गया और तेज झटका भी। मगर, पैर फंसा होने की वजह से यूनीपोल से लटका रह गया। मजदूर के चीखने की आवाज सुनकर लोग जुट गए। मगर, करंट फैला होने की आशंका पर पास जाने की हिम्मत नहीं कर सके।
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पुलिसवाले बनाते रहे वीडियो
- फोटो : अमर उजाला
हादसे के बाद लोगों की भीड़ लगने से जाम लग गया। बाद में पीआरवी पहुंच गई। मगर, पुलिसकर्मी दूर ही खड़े रहे। वो वीडियो बनाने लगे, लेकिन मजदूर को बचाने की हिम्मत नहीं कर सके। बाद में स्कूल का गार्ड विपिन आया। वो दो लोगों की मदद से पोल पर चढ़ा। इसके बाद विजय को निकालने का प्रयास करने लगा।
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स्कूल के गार्ड ने बचाई मजदूर की जान
- फोटो : अमर उजाला
सूचना पर नगर निगम की गाड़ी आ गई। गाड़ी में खड़े होकर गार्ड विपिन ने मजदूर विजय को एक घंटे बाद पोल से उतार लिया। पुलिस ने विजय को एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत गंभीर है। पुलिस ने बताय कि पोल के पास से ही हाईटेंशन लाइन जा रही है। पोल पर चढ़कर मजदूर काम कर रहा था। उसे लाइन जाने का अंदाजा नहीं हुआ और हादसा हो गया।
हादसे के बाद नगर निगम की ओर से पल्ला झाड़ लिया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि नगर निगम के विज्ञापन प्रभारी की ओर से थाना हरीपर्वत पुलिस को भेजे गए पत्र में कहा गया कि कंपनी के साथ आठ फरवरी 2019 को अनुबंध निष्पादित करते हुए कार्यादेश जारी किया गया। किसी तरह के करंट लगने से होने वाले हादसे के लिए कंपनी जिम्मेदार होगी।