ताजनगरी आगरा में श्रावण मास के दूसरे सोमवार को बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए रविवार की शाम से नगर की परिक्रमा शुरू हुई। दो साल के बाद होने वाली परिक्रमा के लिए परिक्रमार्थियों में भारी उत्साह नजर आया। माथे पर तिलक, कंधे पर गमछा डाले भक्त नंगे पैर ही पथरीली डगर पर निकल पड़े। चारों दिशाएं हर हर महादेव के जयकारों से गुंजायमान हो उठीं। बल्केश्वर मंदिर, कैलाश मंदिर, राजेश्वर मंदिर और मन: कामेश्वर मंदिर पर भक्तों का हुजूम लगा रहा। परिक्रमा पूरी करने के बाद भक्त उसी मंदिर पर जलाभिषेक करके विराम देंगे।
हेलीकॉप्टर से हुई पुष्प वर्षा
सावन के दूसरे सोमवार को बल्केश्वर महादेव मंदिर पर लगने वाले मेले का रविवार शाम विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, एमएलसी विधायक विजय शिवहरे, समिति अध्यक्ष ममता शर्मा ने उद्घाटन किया। मेले में आने वाले और परिक्रमा करने वालों पर हेलीकॉप्टर से फूलों की बारिश की गई। मेले समिति व अन्य समाजसेवियों ने भंडारे का आयोजन किया है। मेले में खोया पाया केंद्र, चिकित्सा केंद्र भी बनाया गया है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल, महापौर नवीन जैन, भानू महाजन, राकेश गर्ग, विमल गुप्ता, अमित ग्वाला, डॉ. गिरधर शर्मा, हरिओम, आदर्शनंदन गुप्त, ऋषि अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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परिक्रमा मार्ग पर भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
परिक्रमा के लिए ली छुट्टी
खंदारी निवासी अमित धाकरे ने बताया कि दो साल से शिवालयों की परिक्रमा नहीं हो पाई। इस बार की परिक्रमा के लिए स्पेशल छुट्टी ली है। ताकि बाबा के दरवार में पैदल चल माथा टेक सकूं। परिक्रमा के बाद मन को सुकून मिलता है। वहीं गैलाना के रहने वाले ऋषभ दिवाकर ने कहा कि भोले के भक्तों के लिए सावन का पूरा महीना त्योहार से कम नहीं होता है। कई बार से सावन को दूसरे सोमवार को लगने वाली परिक्रमा लगातार लगा रहा हूं। इस बार भी शिव के दर्शन के लिए निकले हैं।
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परिक्रमा मार्ग पर भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
भक्ति के आगे नहीं होता दर्द का एहसास
वनखंडी मंदिर के पास रहने वाले लोकेश ने कहा कि शिव में अटूट आस्था है। शिवालायों की परिक्रमा के बाद मन को ऐसा लगता है जैसे शिव के बहुत करीब हो गए हो। इस परिक्रमा में पैरों में कंकड और कांटे भी चुभते हैं लेकिन शिव के दर्शन की चाहत में दर्द का एहसान ही नहीं होता है। मऊ निवासी साहिल कुमार ने बताया कि कई सालों से परिक्रमा करता आ रहा हूं। कोरोना में परिक्रमा प्रतिबंधित होने पर मन को बहुत कष्ट हुआ था। इस बार परिक्रमा का बेसबरी से इंतजार था। आज सो दिन आया है तो मन बहुत ही ज्यादा प्रसन्न है।
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जाम
- फोटो : अमर उजाला
हाथी घाट पर एक घंटे जाम, कई वाहन फंसे
शहर में रविवार से ही शिव मंदिर परिक्रमा को लेकर रूट डायवर्जन किया गया था। पुलिस भी लगाई गई लेकिन जाम से लोगों को मुश्किल हुई। हाथी घाट पर एक घंटे तक वाहन फंसे रहे। आसपास के अन्य इलाकों में भी लोगों को समस्या का सामना करना पड़ा। शहर में राजेश्वर महादेव मंदिर, बल्केश्वर महादेव, कैलाश और पृथ्वीनाथ मंदिर पर श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसको देखते हुए रूट डायवर्जन किया गया था। परिक्रमा मार्ग पर किसी वाहन को नहीं निकलने दिया जा रहा था।
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भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
रास्तों पर लगा दिए बैरियर
रविवार शाम को चार बजे पुलिस ने रास्तों पर बैरियर लगा दिए। शाम सात बजे के बाद परिक्रमा करने वालों की भीड़ बढ़ी। अलग-अलग क्षेत्रों से वाहन निकलने लगे। इससे जाम लग गया। शाम साढ़े सात बजे यमुना किनारा मार्ग पर मन: कामेश्वर मंदिर से आने वाले परिक्रमार्थियों को एक तरफ से श्मशान घाट तिराहे की ओर निकाला गया। दूसरी तरफ से दोनों तरफ के वाहन निकल रहे थे। पुलिस भी जाम खुलवाने में असहाय नजर आई। एक घंटे बाद राहत मिल सकी।
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शिव मंदिर के बाहर भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस रही तैनात
परिक्रमा मार्ग पर जगह-जगह पुलिस को तैनात किया गया है। हर थाना के प्रभारी भ्रमणशील रहे। बिना वर्दी के भी पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। बैरियर पर वाहनों को रोकने पर कुछ लोग पुलिस से उलझ भी गए। पुलिस ने हिदायत देकर शांत कराया।
पुलिस ने भारी वाहनों को सिकंदरा क्षेत्र और एत्मादपुर क्षेत्र में बैरियर लगाकर रोका। वाहनों को डायवर्ट करके निकाला गया। शहर में किसी भी रास्ते से भारी वाहनों को प्रवेश नहीं दिया गया। सोमवार को कार्यक्रम समाप्ति तक यही व्यवस्था रहेगी।
एसएसपी और डीएम ने किया निरीक्षण
एसएसपी प्रभाकर चौधरी और डीएम पीएन सिंह ने भी परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण किया। पुलिसकर्मी व अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए।