कोरोना के कारण सावन के पहले सोमवार को भले ही मंदिरों के पट बंद रहे हों, लेकिन भक्तों में आस्था कम नहीं दिखी। कासगंज जिले की तीर्थनगरी सोरों के सोमेश्वर मंदिर में आस्था का अनूठा नजारा दिखाई दिया। मंदिर के पट से लेकर शिवलिंग तक जल चढ़ाने के लिए एक कीप लगाकर पाइपलाइन बनाई गई थी। इसी के माध्यम से भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया।
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मंदिर के बाहर से की पूजा
- फोटो : अमर उजाला
कासगंज जिले में मंदिरों के बंद होने के कारण ज्यादातर लोगों ने घरों में ही रहकर भोलेनाथ की आराधना की। कहीं मंदिरों के पट खुले मिले तो कुछ जगह लोगों को बाहर से ही पूजा करनी पड़ी। श्रावण माह में ऐसा नजारा पहली बार दिखा, जब मंदिरों में भक्तों की भीड़ नहीं है। बहुत कम संख्या में लोगों ने मंदिरों में पहुंचकर पूजा अर्चना की।
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कासगंज के मनकामेश्वर शिव मंदिर के पट रहे बंद
- फोटो : अमर उजाला
प्रशासन ने पहले से ही मंदिरों को खोलने के नियम निर्धारित कर दिए थे। नियमों की अवेहलना न हो इसके लिए मंदिरों के सेवायतों ने ज्यादातर पट बंद रखे। बाहर से ही लोगों ने पूजा अर्चना की। ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में कुछ मंदिर खुले हुए थे तो भक्तों ने मंदिर के अंदर पूजा-अर्चना की।
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कीप लगाकर किया शिव का जलाभिषेक
- फोटो : अमर उजाला
तीर्थनगरी सोरों के सोमेश्वर मंदिर में भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक करने के लिए अलग ही तरीका अपनाया गया। यहां एक प्लास्टिक की कीप को पाइप से जोड़कर शिवलिंग से लगाया गया था। इसी से लोगों ने भोलेनाथ को जल व दूध चढ़ाया।
कपड़े में लिपटे हुए मंदिर के घंटे
- फोटो : अमर उजाला
इस बार शिव मंदिरों में लगे घंटे लोग नहीं बजा सके। घंटा बजाने पर प्रतिबंध होने के कारण इन्हें कपड़े से बांध दिया गया था। यह नजारा सोरों के सोमेश्वर मंदिर समेत कई मंदिरों में देखने को मिला।