संजलि के पास मोबाइल फोन नहीं था। वह पिता हरेंद्र का फोन इस्तेमाल करती थी। योगेश इसी पर बात करता था। इसी पर दोनों में व्हाट्स एप पर चैटिंग होती थी। इन्हीं मैसेज से पता चलता है कि संजलि तहेरे भाई से कितनी खफा थी।
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संजलि हत्याकांड: योगेश! तुम भाई कहलाने के लायक नहीं, मास्टरमाइंड की हरकतों से खफा थी छात्रा
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- फोटो : अमर उजाला
एक बार योगेश ने लिखा, संजलि तुम नाराज हो? संजलि ने जवाब दिया, तुम्हारी हरकतें ठीक नहीं हैं। संजलि के पिता पर हमले के बाद योगेश ने लिखा, पापा के चोट कैसे लग गई? संजलि ने लिखा, तुम्हें कैसे पता, तुमने ही कराया होगा हमला।
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संजलि हत्याकांड: योगेश! तुम भाई कहलाने के लायक नहीं, मास्टरमाइंड की हरकतों से खफा थी छात्रा
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ऐसे ही एक बार संजलि ने लिखा, तुम भाई कहलाने के लायक नहीं हो। एक बार लूजर लिखा। इससे साफ हुआ कि संजलि खफा थी। योगेश इसी से खुन्नस में था। योगेश जहर खाने के बाद भी झूठ बोल रहा था।
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योगेश वहां गया था। वह जानना चाहता था कि उसने क्या बयान दिया। पता नहीं चल पाया। उलटा पुलिस को उस पर शक हो गया। उसका मोबाइल रख लिया गया। वह घर आया। रातभर बेचैन रहा। सुबह उठते ही छह बजे घर की छत पर जहर खा लिया। मां को नहीं बताया। पेट में दर्द होने लगा, उल्टियां करने लगा, तब मां ने पूछा क्या हुआ? अब भी सच नहीं बोला।
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संजलि हत्याकांड में घटनास्थल पर जांच पडताल करते पुलिसकर्मी
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उसने कहा था कि दिल्ली से बाइक पर आया हूं। स्पीड ब्रेकर पर बाइक उछली तो पेट में दर्द हो गया। थोड़ी देर बाद दर्द और बढ़ा तो उसे हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां उसकी मौत हो गई।