फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra: भगवान जगन्नाथ की भक्ति में रूस और यूक्रेन साथ, दोनों देशों की भक्त एक साथ खीचेंगी रथ

Fri, 01 Jul 2022 11:06 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
विज्ञापन
1 of 5
jagannath rath yatra - फोटो : अमर उजाला
रूस-यूक्रेन युद्ध की तबाही का मंजर देख रही पूरी दुनिया के लिए ताजनगरी में शुक्रवार को निकलने वाली श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा मिसाल बनने जा रही है। भगवान की भक्ति में रूस और यूक्रेन साथ-साथ दिखेंगे। यूक्रेन की देवरूपा देवदासी और रूस की जया राधे किशोरी श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा में रस्सी खींचकर प्रभु के रथ को आगे बढ़ाने में अपना सहयोग देंगी। बता दें कि श्रीहरि की दोनों भक्त भजनों और कीर्तन के दौरान इतनी भावुक हो जाती हैं कि प्रभु भक्ति में लीन होकर रोने लगती हैं, तो कभी श्रीहरि का स्मरण कर नाचने लगती हैं। इन दोनों देशों की श्रद्धालुओं का मानना है कि शांति से ही किसी समस्या का हल निकाला जा सकता है। युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। श्री जगन्नाथ रथयात्रा शुक्रवार को निकाली जाएगी।

बता दें बल्केश्वर महादेव मंदिर से दोपहर दो बजे रथयात्रा प्रारंभ होगी। मोर की आकृति, मोरपंख व सतरंगी फूलों से सजे रथ को श्रद्धालु रस्सी से खींचते हुए बल्केश्वर बाजार, कमला नगर मार्केट, मुगल रोड से होते हुए कमला नगर, रश्मि नगर स्थित इस्कॉन मंदिर तक ले जाएंगे।
विज्ञापन

2 of 5
देवरूपा देवदासी - फोटो : अमर उजाला

श्रीहरि कृपा से होगा युद्ध का अंत : देवरूपा देवदासी

यूक्रेन की देवरूपा देवदासी दो साल से प्रभु श्रीहरि की भक्ति में लीन हैं। उनका कहना है कि दो भाई रूस-यूक्रेन गलत लड़ रहे हैं। उन्हें इसका दुख है। श्रीहरि की कृपा से ही इस विध्वंसकारी युद्ध का अंत होगा। 
विज्ञापन

3 of 5
जया राधे रानी - फोटो : अमर उजाला

दोनों देश समझे श्रीहरि का दर्शन : जया राधे रानी 

रूस की रहने वाली जया राधे किशोरी का कहना है कि दोनों देश अगर श्रीहरि का दर्शन समझ लें, तो समस्या का जल्द समाधान हो जाएगा। रथ खींचने के दौरान हम दोनों शांति की प्रार्थना श्रीजगन्नाथ महाराज से करेंगे।

4 of 5
इस्कॉन मंदिर - फोटो : अमर उजाला

इस्कॉन मंदिर में किया गया नयन उत्सव का आयोजन

आराध्य के दर्शन के लिए आतुर भक्तों की कतार लगी थी। इस्कॉन मंदिर के पट खुले तो होड़ मच गई। श्री जगन्नाथ के दर्शन हुए तो भावविह्वल भक्तों की आंखें भाव से छलक आईं। मौका नयन उत्सव का था। श्रीहरि व मोगरे के पुष्पों से सजी उनकी बहन सुभद्रा व भाई बलराम ने दर्शन दिए। जयकारों से मंदिर प्रांगण गुंजायमान हो उठा। इस्कॉन मंदिर के बाहर बृहस्पतिवार को सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। मंदिर के पट दोपहर 12 बजे खुले।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
इस्कॉन मंदिर में भक्तों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला

दिनभर लगा रहा भक्तों का तांता 

दर्शन के लिए दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा। जगन्नाथजी की स्तुति, हरे रामा-हरे कृष्णा... के कीर्तन पर भक्त भावविभोर होकर नाच उठते। अंतरराष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) की ओर से आयोजित उत्सव में देर रात तक भंडारा चला। शुक्रवार को जगन्नाथ जी नगर भ्रमण पर निकलेंगे। इस अवसर पर शैलेंद्र अग्रवाल, संजीव मित्तल, कांता प्रसाद अग्रवाल, आशु मित्तल, राहुल बंसल, सुशील अग्रवाल, अखिल बंसल, ओम प्रकाश अग्रवाल, अमित बंसल, विकास बंसल लड्डू, शरद सिंघल, विपिन अग्रवाल, नवल शर्मा, ऋषभ अग्रवाल, राजीव मल्होत्रा आदि मौजूद रहे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें