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RPF दारोगा और सिपाही गिरफ्तार: चौकी में ले जाकर जीजा-साले को दी थर्ड डिग्री, घरवालों को सुनाई थी चीखने की आवाज

Wed, 14 Dec 2022 04:59 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी दरोगा व सिपाही - फोटो : अमर उजाला
आगरा के थाना मलपुरा के गांव अभयपुरा से जीजा-साले को उठाने के बाद आरपीएफ दरोगा और सिपाही राजामंडी स्टेशन स्थित चौकी पर लेकर आए थे। दोनों को कमरे में बंद करके थर्ड डिग्री दी गई। इस दौरान परिजन को कॉल करके दोनों के चीखने की आवाज भी सुनवाई थी। मुक्त हुए दोनों युवकों और परिजन ने यह बात पुलिस को बताई है।

गांव अभयपुरा निवासी साजिम ने बताया कि परिवार मैक्सी, गाउन और लेगी बेचने का काम वर्षों से करता आ रहा है। इसके लिए छत्तीसगढ़ के भिलाई जाते हैं। साजिम का भाई काजिम और जीजा इकरार भी साथ काम करते हैं। इकरार चंडौस, अलीगढ़ का रहने वाला है। वह सोमवार को ही आया था। आरपीएफ कर्मियों ने रेलवे की संपत्ति चोरी करने के शक में घर में दबिश दी थी। उन्होंने घर में तलाशी के बाद कुछ नहीं मिला तो तोड़फोड़ की। इसके बाद काजिम और इकरार को उठाकर ले गए।
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जीजा-साले - फोटो : अमर उजाला
रातभर राजामंडी स्टेशन चौकी के पीछे बने खंडहरनुमा कमरे में रखा। दोनों की डंडों से पिटाई की। दोनों के पैर और पीठ पर चोट के निशान हैं। व्हाट्सएप काल करके कहा कि चार लाख रुपयों का इंतजाम कर लो। पुलिस से शिकायत करने पर ठीक नहीं होगा। अनहोनी हो जाएगी। फोन पर भाई और जीजा के रोने की आवाज आ रही थी। इससे पूरा परिवार घबरा गया था।
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मामले की जानकारी देते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

मिलने गए तो फोन छीनकर ले गए

साजिम ने बताया कि सुबह 9 बजे आरोपियों ने फोन करके मिलने के लिए कैंट रेलवे पुल के पास खंडहर के कमरे में बुलाया। वह पहुंचा। उसने कहा कि किसी तरह 12 हजार का इंतजाम हो पाया है। इससे ज्यादा नहीं दे सकता। इस पर आरपीएफ कर्मी 2 लाख मांगने लगे। कहा कि जेल भेज देंगे। उसने हाथ-पैर जोड़े, लेकिन नहीं माने। उसने पूछा था कि किस जुर्म में पकड़ा है यह तो बता दो, लेकिन उन्होंने सही जवाब नहीं दिया। इस दौरान आरोपियों ने उसका मोबाइल भी छीन लिया। इस पर वह वापस आ गया और पुलिस को सूचना दी।

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मामले की जानकारी देते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

स्थानीय पुलिस की लेनी होती है मदद

आरपीएफ को यदि किसी स्थान पर दबिश देनी होती है तो स्थानीय पुलिस से मदद लेनी होती है। इस मामले में ऐसा नहीं हुआ। आरोपी दरोगा और सिपाहियों ने यही कहा कि वह पूछताछ करने गए थे पर वह रुपये लेते पकड़े गए। जिन लोगों को पकड़ा, उनका कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं मिला है।
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आरपीएफ (फाइल फोटो)

खाकी पर पहले भी लगे दाग

- वर्ष 2018 में पुलिसकर्मियों ने तेल कारोबारी का लंगड़े की चौकी से अपहरण कर लिया था। बाद में आरोपी पुलिसकर्मियों की पहचान हुई थी। उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
- हाल ही में फाउंड्री नगर पुलिस चौकी में चांदी कारीगरों को लाकर पीटा गया था। उनसे रकम वसूल की गई थी। मामले में चौकी प्रभारी और सिपाहियों पर गाज गिरी थी।
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