आगरा के थाना मलपुरा के गांव अभयपुरा से जीजा-साले को उठाने के बाद आरपीएफ दरोगा और सिपाही राजामंडी स्टेशन स्थित चौकी पर लेकर आए थे। दोनों को कमरे में बंद करके थर्ड डिग्री दी गई। इस दौरान परिजन को कॉल करके दोनों के चीखने की आवाज भी सुनवाई थी। मुक्त हुए दोनों युवकों और परिजन ने यह बात पुलिस को बताई है।
गांव अभयपुरा निवासी साजिम ने बताया कि परिवार मैक्सी, गाउन और लेगी बेचने का काम वर्षों से करता आ रहा है। इसके लिए छत्तीसगढ़ के भिलाई जाते हैं। साजिम का भाई काजिम और जीजा इकरार भी साथ काम करते हैं। इकरार चंडौस, अलीगढ़ का रहने वाला है। वह सोमवार को ही आया था। आरपीएफ कर्मियों ने रेलवे की संपत्ति चोरी करने के शक में घर में दबिश दी थी। उन्होंने घर में तलाशी के बाद कुछ नहीं मिला तो तोड़फोड़ की। इसके बाद काजिम और इकरार को उठाकर ले गए।