आगरा में नगर निगम का दावा है कि शहर में 92 फीसदी घरों से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कराया जा रहा है। अमर उजाला की टीम ने गुरुवार सुबह 7 बजे और दोपहर 2 बजे सफाई की पड़ताल की तो पाया कि एमजी रोड, माल रोड जैसी मुख्य सड़कों को छोड़कर छोटी गलियों और कॉलोनी की सड़कों में न तो रोज झाड़ू लग रही है और न ही डलाबघरों से रोज कचरा उठाया जा रहा है। सड़कों पर कचरे के ढेर लगे हैं, जहां से दोपहर में दुर्गंध के कारण निकलना मुश्किल है। डलाबघरों से कचरा कई दिनों के बाद उठाया जा रहा है। मेयर ने सुबह 7 से दोपहर 2 बजे तक सफाई के आदेश दिए हैं, लेकिन 5 जगहों पर 5 रिपोर्टरों ने जब सफाई का हाल देखा तो ज्यादातर जगह कर्मचारी पहुंचे ही नहीं। प्राइवेट कर्मचारियों और मोहल्लेदारी व्यवस्था से निकला कचरा उठाने के लिए ही दोपहर में सफाई कर्मचारी पहुंच रहे हैं।
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सरस्वती नगर बोदला में सड़क किनारे पड़ा कूड़ा
- फोटो : अमर उजाला
सरस्वती नगर, बोदला
सुबह 7:30 बजे यहां पूरी गली कचरे से भरी थी। सफाई कर्मचारी 15 दिन में एक बार दिखते हैं। नाले में और इससे सटी सड़क पर 4 फुट ऊंचाई तक कूड़ा बिखरा है, जहां से क्षेत्रीय लोग निकलते हैं। दुर्गंध के कारण नाक पर रूमाल रखकर निकलना पड़ रहा। क्षेत्रीय निवासी राजेश ने बताया कि यहां 12 से 15 दिन बाद कचरा उठाया जा रहा है। सफाई कर्मचारी यहां कम ही दिखते हैं।
राजामंडी- गोकुलपुरा रोड
बाजार में सुबह 8.30 बजे सफाई कर्मचारी कचरा उठाने पहुंचे। सफाईकर्मी सोनू ने बताया कि सुबह जल्दी आने पर मोहल्ले का कूड़ा इकट्ठा नहीं हो पाता, इसलिए लेट आते हैं। निजी कर्मचारी डलाबघर पर कचरा डाल जाते हैं, वहां से हम उठाते हैं। यहीं गोकुलपुरा रोड पर तीन जगह कूड़े के ढेर लगे थे। क्षेत्रीय निवासी पप्पन ने बताया कि सड़कों की सफाई नहीं की जा रही है। केवल कचरा उठाया जा रहा।
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सुभाष नगर अलबतिया में सड़क किनारे लगा कूड़े का ढेर
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सुभाष नगर, अलबतिया
वार्ड 67 के सुभाष नगर में सुबह आठ बजे देवी मंदिर के पास सड़क पर कचरा बिखरा मिला। क्षेत्रीय निवासी शहजाद के मुताबिक सड़क पर झाड़ू लगाने कोई कर्मचारी नहीं आता। केवल मंदिर के पास कचरा उठाने 15 दिन में एक बार आते हैं। नाली की सफाई दिवाली से पहले हुई थी। तब से यहां सफाई नहीं कराई गई है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन भी यहां करने कोई नहीं आता।
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सड़क किनारे लगा कूड़े का ढेर
- फोटो : अमर उजाला
ताजनगरी
फतेहाबाद रोड पर बने नए जोनल ऑफिस से कर्मचारियों को सुबह 7 बजे रवाना कर दिया गया, लेकिन कर्मचारी मुख्य मार्ग पर ही झाड़ू लगाकर चले गए। अपार्टमेंट निवासी सुमित भारद्वाज ने बताया कि एडीए की कॉलोनी ताजनगरी में कचरे के ढेर लगे हैं। ये कचरे के ढेर 6 से 7 दिन बाद ही उठाए जा रहे हैं। कर्मचारी भी यहां रोजाना सफाई के लिए नहीं आते हैं।
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सड़क किनारे बिखरा पड़ा कूड़ा
- फोटो : अमर उजाला
आवास विकास कॉलोनी
सेक्टर-9 में बने लोहामंडी जोनल कार्यालय पर सुबह 7 बजे सफाई कर्मचारी पहुंचे। करकुंज रोड, सिकंदरा बोदला रोड, राघवेंद्र स्वरूप इंटर कालेज के पास सफाई करते हुए कर्मचारी मिले, लेकिन नालियों की सफाई न होने की शिकायत क्षेत्रीय निवासी आशीष वर्मा ने की। उन्होंने बताया कि यहां नालियां चोक पड़ी हैं। कर्मचारी भी नियमित रूप से सफाई करने नहीं आते।
सफाई व्यवस्था न सुधारी तो अधिकारियों को मूल विभाग में वापस भेज देंगे : नवीन जैन
सवाल: सुबह 7 बजे कर्मचारी नहीं आ रहे हैं, सफाई की जगह कचरे के ढेर लगे हैं, ऐसा क्यों।
जवाब: मैने बैठक में सुबह 7 से दोपहर 2 बजे तक सफाई करने के निर्देश दिए थे। जैसी आपकी रिपोर्ट है, उसके लिए अधिकारियों से आकस्मिक चेकिंग कराऊंगा और वेतन काटने की कार्रवाई होगी।
सवाल: डलाबघरों से कचरा उठ नहीं रहा, डोर-टू-डोर कूड़ा लेने भी कर्मचारी जा नहीं रहे।
जवाब: देखिए, अधिकांश जगह सफाई ठीक हो रही है, पर कुछ जगह ऐसी हैं जहां सफाई से मैं भी संतुष्ट नहीं हूं। डोर-टू-डोर कूड़ा लेने पर मेरा जोर है, इसके लिए अधिकारियों से जवाब-तलब करूंगा।
सवाल: जब आप संतुष्ट नहीं तो क्या अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
जवाब: बिल्कुल करेंगे। नगर स्वास्थ्य अधिकारी अगर शहर की सफाई व्यवस्था नहीं संभाल पा रहे हैं तो उन्हें उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया जाएगा। वह आए हैं तो कुछ करके दिखाएं या फिर जाएं।