वृंदावन में रथयात्रा महोत्सव पर जगन्नाथ मंदिर सहित नगर के सप्तदेवालयों से भी भगवान ने रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण किया। यात्रा में भक्तों ने जयकारे लगाए और प्रसादी आम लूटे। रथयात्रा के आगे-आगे सुसज्जित घोड़े, ऊंट चल रहे थे। बैंडबाजों की धुन पर भक्त नृत्य कर रहे थे।
विज्ञापन
2 of 5
भगवान जगन्नाथ के रथ को धकेल कर आगे बढ़ाते भक्तजन
- फोटो : अमर उजाला
ज्ञानगुदड़ी स्थित जगन्नाथ मंदिर में शाम को भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा व भगवान बल्देव तीन रथों पर विराजमान होकर यात्रा को निकले। रथयात्रा के आगे-आगे सुसज्जित घोड़े, ऊंट चल रहे थे। बैंडबाजों की धुन पर भक्त नृत्य कर रहे थे। वह जय जगन्नाथ के जयकारे लगा रहे थे। इससे पूर्व सुबह पंचामृत अभिषेक तथा शाम को फूल बंगला सजाया गया।
विज्ञापन
3 of 5
रथ में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा
- फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा राजपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर, नगर के प्राचीन सप्तदेवालयों से भगवान चांदी, चंदन एवं लकड़ी से बने रथों में विराजमान होकर भक्तों को प्रभु दर्शन दिए। सभी रथों ने ज्ञानगुदड़ी गोपी उद्धव संवाद स्थल की परिक्रमा की और पुन: अपने-अपने मंदिर के लिए प्रस्थान किया।
4 of 5
भगवान जगन्नाथ का जलाभिषेक करते पुजारी
- फोटो : अमर उजाला
जगन्नाथ मंदिर के स्वामी ज्ञानप्रकाश पुरी महाराज ने बताया कि 15 दिनों के बाद भगवान जगन्नाथ ने भोर में भक्तों को दर्शन दिए। शाम को भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र रथों में विराजमान होकर नगर भ्रमण किया। इस रथयात्रा में शामिल होने से भक्तों का परम आनंद की प्राप्ति होती है।
ज्ञानगुदड़ी स्थित जगन्नाथ मंदिर में डांडिया नृत्य करतीं बालिकाएं
- फोटो : अमर उजाला
राधारानी की नगरी राधाकुंड में गुरुवार को जगन्नाथ रथयात्रा धूमधाम से निकाली गई। राधारानी कुंड परिक्रमा मार्ग स्थित जगन्नाथ मंदिर में सुबह छह बजे पट खुलते ही दर्शन करने वालों का सैलाब उमड़ पड़ा। बीमार होने के 15 दिन बाद भगवान जगन्नाथ जी ने भक्तों को दर्शन दिए। शाम चार बजे से जगन्नाथ, सुभद्रा एवं बलभद्र रथ में सवार होकर राधारानी कुंड परिक्रमा के लिए निकले। रथ खींचने के लिए भक्तों में होड़ लगी थी। भ्रमण के उपरांत जगन्नाथ की रथयात्रा जगन्नाथ मंदिर पहुंची।