विश्व प्रसिद्ध ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर रथयात्रा महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। प्रात: काल समयानुसार सुबह 10 बजे मंदिर के पट खुले। भगवान द्वारिकाधीश को विशेष श्रृंगार के साथ सुंदर वस्त्र धारण कराए गए। महोत्सव के अंतर्गत रथयात्रा महोत्सव में ठाकुरजी के श्री विग्रह को सुजज्जित रथ में विराजमान कराया गया। इसके बाद ठाकुरजी के श्री विग्रहों के मंदिर के जगमोहन में रथ में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए।
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ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर रथयात्रा के दौरान भगवान व भक्त
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर के सभी मुखिया ठाकुर जी की हवा करते हुए आस्था भाव के साथ भ्रमण कराते रहे। अपने आराध्य राजाधिराज की झांकी के दर्शन पाकर भक्त निहाल हुए। मंदिर प्रांगण ठाकुर द्वारिकाधीश के जयकारों से गुंजायमान हो रहा था। ठाकुर जी को आम जामुन का विशेष प्रसाद निवेदित किया गया। साथ ही घोड़ों को खिलाने के रूप में चने की दाल का भोग लगाया जाता है।
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ठाकुर द्वारिकाधीश
- फोटो : अमर उजाला
प्रात: 10 बजे रथ यात्रा की पहली झांकी खुली, उसके बाद दूसरी तीसरी झांकी। वहीं भक्तों को शयन के दर्शन छह से सात बजे तक होते थे वह बुधवार को 4.30 बजे से पांच बजे तक होकर पट बंद हो गए।
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भक्तों ने किए रथयात्रा के दर्शन
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि मंदिर के गोस्वामी बृजेश कुमार महाराज व डॉ. वागीश कुमार महाराज के निर्देशानुसार मंदिर में आज रथ यात्रा का कार्यक्रम संपन्न हुआ। कोविड-19 में भारत सरकार की गाइडलाइन की वजह से बहुत ही सूक्ष्म रूप में मनाया गया। मंदिर में 5-5 के दल में श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया। श्रद्धालु मास्क लगाकर मंदिर में प्रवेश करते दिखे।
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रथयात्रा के दर्शन के लिए जाते भक्त
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि मान्यताओं के अनुसार भगवान कृष्ण बड़े भाई बलराम और सुभद्रा के साथ रथ में विराजमान होकर जगन्नाथपुरी भ्रमण करते हैं। उसी मान्यता के अनुसार पुष्टिमार्ग संप्रदाय के सभी मंदिरों में रथयात्रा का उत्सव मनाया जाता है और घोड़ों के रथ पर विराजमान होकर भगवान भ्रमण करते हैं।
रथयात्रा के दर्शन के लिए जाते भक्तों की थर्मल स्क्रीनिंग हुई
- फोटो : अमर उजाला
इस अवसर पर मंदिर के अधिकारी अशोक कुमार शर्मा, सत्यनारायण शर्मा, समाधानी राजीव चतुर्वेदी, मुखिया सुधीर कुमार, जीतू थे। इधर श्रीजी बाबा आश्रम स्थित मथुराधीश मंदिर में भी रथयात्रा महोत्सव का आयोजन किया गया। ठाकुरजी को रत्नजड़ित स्वेत वस्त्र धारण कराई गई। ठाकुरजी की मनोहारी झांकी दिव्य और आकर्षक लग रही थी। इस अवसर पर मधुसूदन शर्मा थे।