आगरा-मथुरा समेत पूरे ब्रज में रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रविवार को प्रात:काल से राखी बांधने का सिलसिला शुरू हुआ। बहनों ने भाइयों के घर जाकर टीका किया और उनकी कलाई पर रक्षासूत्र बांधा। दीर्घायु की कामना की। भाइयों ने भी उपहार देकर उन्हें सुरक्षा का वचन दिया। रक्षाबंधन पर जिला और केंद्रीय जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने के लिए बहनों की भारी भीड़ उमड़ी। यहां कोरोना निगेटिव रिपोर्ट दिखाने के बाद उन्हें प्रवेश दिया गया।
रविवार का लॉकडाउन खत्म होने से रक्षाबंधन पर बाजारों में पहले की तरह रौनक है। सुबह से बाजारों में खरीदारों की भीड़ रही। खासकर मिठाई की दुकानों पर पैर रखने की जगह नहीं थी। रोडवेज और सिटी बसों में भी मारामारी मची रही। यही हाल मथुरा के रोडवेज बस अड्डे का था। यहां से बसें खचाखच भरके चलीं। जिला जेल के बाहर बहनों की कतारें लगी रहीं।
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जेल में भाइयों को राखी बांधतीं बहनें
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को धनिष्ठा नक्षत्र में रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। राजयोग एवं शोभन योग बनने से भी रक्षाबंधन का महत्व बढ़ गया है। ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि रक्षाबंधन पर इस बार पूरे दिन का शुभ मुहूर्त रहा।
इस बार रक्षाबंधन पर कोरोना संक्रमण बेहद कम है। न ही लॉकडाउन की बंदिशें हैं। इसके चलते भाइयों को राखियां बांधने के लिए बहनें बसों में सफर करके उनके घर पहुंचीं। इससे रोडवेज और सिटी बसों में भीड़ बढ़ गई। आज के दिन इन बसों में महिलाओं से किराया नहीं लिया गया।
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आगरा जिला जेल के बाहर भीड़
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में रक्षाबंधन पर जिला और केंद्रीय जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने के लिए बहनों को कोरोना निगेटिव रिपोर्ट दिखाने के बाद प्रवेश दिया गया। जिला जेल के अधीक्षक पीडी सलौनिया ने बताया कि जेल में सुरक्षा के प्रबंध कर दिए गए। जेल के कर्मचारियों के साथ ही बाहर से भी फोर्स लगाई गई।
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मथुरा जिला जेल के बाहर इंतजार में खड़ी महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
मथुरा जिला जेल में बंद भाइयों को राखने बांधने के लिए बहनों की सुबह से ही कतार लग गई। जेल में बहनों की मुलाकात के लिए विशेष व्यवस्था की गई। कोविड प्रोटोकॉल और सघन चेकिंग के बाद भाइयों से बहनों की मुलाकात कराई गई।
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रोशनी से नहाया नंदभवन
- फोटो : अमर उजाला
मथुरा में श्रीकृष्ण के नंदगांव स्थित नंदभवन में देशभर से राखियां भेजी गई हैं। दरअसल, राखी भेजने वाली बहनें कृष्ण और बलराम को अपना भाई मनाती हैं। किसी ने चांदी की राखी भेजी है तो किसी ने रेशम के धागे की। इन राखियों को कृष्ण और बलराम को समर्पित किया गया है।
जो बहनें अपने भाइयों के घर नहीं पहुंच पाई, उन्होंने डिजिटल तरीके से रक्षाबंधन का पर्व मनाया। रक्षाबंधन पर इस बार बाजारों में खासी रौनक है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद पहली बार शनिवार को सभी बाजार रात तक गुलजार रहे। रविवार सुबह से बाजारों में भारी भीड़ है।