ताजनगरी में पंक्चर बनाने वाली राजकुमारी को ‘आगरा का गौरव’ सम्मान प्रदान किया जाएगा। दयालबाग डीम्ड यूनिवर्सिटी में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा पंक्चर बनाकर छह लोगों के परिवार का भरण पोषण करती है और अपनी पढ़ाई का खर्च भी उठाती है। छात्रा के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में उसने संघर्षों से लड़ना सीखा, लेकिन स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। आज स्वाभिमानी राजकुमारी की हर कोई तारीफ करता है। शहर की रोशनी संस्था राजकुमारी को सम्मानित करेगी।
पंक्चर की दुकान राजकुमारी के पिता हेत सिंह की है। वर्ष 2019 से उनकी तबीयत रहती है। तब से ही राजकुमारी पर दुकान संभालने की जिम्मेदारी आ गई। वह सुबह कम से कम दो घंटे और शाम को तीन घंटे से अधिक दुकान पर बैठती हैं। पंक्चर की इस दुकान से हुई कमाई और घर में एक गाय से मिलने वाले दूध को बेचकर किसी तरह खर्चा निकल आता है।