कान्हा के जन्म यानि जन्माष्टमी के बाद मथुरा में एक बार फिर उत्सव का माहौल है। ब्रज में राधाष्टमी मनाई जा रही है। हर ओर उल्लास छाया हुआ है। वहीं विशेष आयोजन बरसाना से 50 किमी दूर रावल में हो रहा है। दरअसल कृष्ण के ह्रदय में वास करने वाली राधारानी बरसाना में पली-बढ़ी थीं, लेकिन उनका अवतरण यहां से 50 किमी दूर रावल गांव में हुआ था। मान्यता है कि यहां स्थापित मंदिर के ठीक सामने एक बगीचा है, जहां आज भी राधा-कृष्ण पेड़ के रूप में मौजूद हैं।
राधाष्टमी पर बरसाना के श्रीराधारानी मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ है। उनके जन्म की खुशियां मनाई जा रही हैं। वैसे तो भगवान श्रीकृष्ण की प्रेयसी, उनकी सखी राधा और राधा के कृष्ण इस पवित्र संबंध से पूरी दुनिया वाफिक हैं, लेकिन राधा के जीवन के बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं। आइये बताते हैं उनके जीवन से जुड़ी कुछ खास बातों के बारे में...