मैनपुरी के शहीद राम वकील का आज पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। नम आंखों से उन्हें विदाई दी गई। अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ा। उनके बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी।
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पिता को मुखाग्नि देता बेटा
- फोटो : अमर उजाला
आपको बता दें कि गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में उरी से भी बड़ा आतंकी हमला हुआ था। हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। वहीं कई जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह हमला जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाकर किया गया था। इस काफिले में 2500 जवान शामिल थे। इस हमले में मैनपुरी के राम वकील माथुर भी शहीद हो गए थे।
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शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर देते जवान
- फोटो : अमर उजाला
आज सुबह ही शहीद रामवकील का पार्थिव शरीर गांव विनायकपुर पहुंचा था। यहां पहले उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा। अंतिम दर्शन करने के लिए जन सैलाब उमड़ गया। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। इस दौरान हर किसी की आंखें नम थीं।
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शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर देते जवान
- फोटो : अमर उजाला
मैनपुरी जिले के दन्नाहार थाने के विनायपुरा गांव के रहने वाले रामवकील 2001 में सिपाही के पद से सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे, 2003 में उनकी शादी इटावा के अशोक नगर निवासी दिवारी लाल की बेटी गीता के साथ हुई थी, जम्मू में तैनाती से पहले रामवकील अलीगढ़ में तैनात थे।
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अंतिम संस्कार की तैयारी
- फोटो : अमर उजाला
रामवकील के तीन पुत्र हैं, बड़ा राहुल (12), शाहिल (10), गोलू (4) हैं। बच्चों को अच्छी तालीम दिलाने के लिए पत्नी इटावा के अशोकनगर मोहल्ले में किराए के मकान में रह रही हैं। गीता के पिता उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर कानपुर में तैनात है।
शहीद राम वकील के अंतिम संस्कार में शामिल लोग
- फोटो : अमर उजाला
शहीद राम वकील की पत्नी बताती है कि छुट्टी से वापस जाते समय उनके पति कहकर गए थे कि अगले महीने मार्च में आकर लोन निकाल कर अपना खुद का मकान बनवाएंगे। अब उन्हें मायके में रहते हुए अच्छा नहीं लगता। इसलिए इटावा में ही एक उनका प्लॉट पड़ा है।