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Agra: लग्जरी कार के बराबर इस घोड़े की कीमत, खाता है काजू-बादाम, खासियतें भी हैं कमाल की

Thu, 27 Oct 2022 03:43 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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घोड़ा बादल - फोटो : अमर उजाला
घोड़े तो कई सारे देखे होंगे, लेकिन बाह के मेले में आए बादल नाम के घोड़े की कीमत को जिसने भी सुना हैरान रह गया। इस घोड़े की कीमत लग्जरी कार के बराबर ही है। इसके मालिक ने बताया कि बादल काजू बादाम खाता है। बादल की खासियतें भी कमाल की हैं। 

 पंजाबी नकुली नस्ल का घोड़ा है बादल

लंपी के कारण पशु मेला निरस्त होने की जानकारी न होने से तमाम घोड़ा और ऊंट व्यापारी बटेश्वर पहुंच रहे हैं। बुधवार को अपने पंजाबी नकुली नस्ल के घोड़े बादल के साथ पोरसा (मुरैना) के जितेंद्र तोमर भी पहुंचे थे। इस घोड़े की खूबसूरती और खूबी पर व्यापारी और किसान लट्टू हो गए। बताया कि इस घोड़े की रोजाना खुराक 10 लीटर दूध और काजू बादाम है। इसकी कीमत भी 10 लाख रुपये है, जो लग्जरी कार के बराबर है।

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घोड़ा बादल - फोटो : अमर उजाला
घोड़े की खूबी बताते हुए जितेंद्र तोमर ने कहा कि नृत्य और दौड़ में बादल ने कई इनाम जीते हैं। जितेंद्र तोमर ने घोडे़ की कीमत 10 लाख रुपये रखी है। घोडे़ की खुराक रोजाना 10 लीटर दूध और 5 किलो चना हैं। वे उसे रोजाना काजू, छुआरे और बादाम भी खिलाते हैं। हफ्ते में एक दिन देसी घी भी दिया जाता है। एक दिन में 5 घोड़ी को इससे क्रास कराते हैं। एक घोड़ी क्रास किए जाने पर 5 हजार रुपये लेते हैं। इससे उनकी अच्छी कमाई भी हो जाती है। बुधवार को बटेश्वर में भी तीन घोड़ी क्रास किए जाने की जानकारी उन्होंने दी। मेला निरस्त होने के कारण वे बगैर बेचे ही घोड़े को लेकर वापस चले गए।                                                                                           
 
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घोड़ा बादल - फोटो : अमर उजाला
भाड़े के लिए कम दामों में बेच रहे ऊंट, घोडे़ लंपी वायरस से बटेश्वर मेला निरस्त होने से परेशान हैं व्यापारी लंपी वायरस के संक्रमण के चलते जिला पंचायत ने बटेश्वर का पशु मेला निरस्त कर दिया है। बावजूद इसके बुधवार को भी मेले में ऊंट और घोडे़ बेचने व खरीदने के लिए व्यापारी और किसान पहुंचे। मेला क्षेत्र में व्यापारी और किसानों को पुलिस टिकने नहीं दे रही। रींवा, जगदलपुर बठिंडा, मेरठ, ग्वालियर, अजमेर से ऊंट और घोडे़ खरीदने और बेचने पहुंचे व्यापारियों को मेला निरस्त होने की जानकारी से झटका लगा है। 

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मैले में आए घोड़े - फोटो : अमर उजाला
भाड़ा चुकाने और खाने खर्च के लिए उन्हें अपने पशु औने-पौने दामों में बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है। धौलपुर के रामकिशोर तोमर ने बताया कि उन्होंने अपना घोड़ा 1.30 लाख का रायसेन के व्यापारी को बेचा है। जिसे पिछले साल 1.45 लाख में खरीदा था। ग्वालियर के मदन मोहन ने बताया कि दो ऊंट लाए थे। जिनमें से एक धौलपुर के खुशीराम ने 80 हजार में खरीद लिया है।
 
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घोड़े लेकर वापस जाते व्यापारी - फोटो : अमर उजाला
 पिछले साल बटेश्वर मेले से इसे 85 हजार में खरीदा था। बटेश्वर मेले में मौजूद इटावा के सुरेंद्र, रींवा के राम निवास, मेरठ के सिकंदर सिंह, बठिंडा के सौकत अली ने बताया कि जिला पंचायत की मनमानी का खामियाजा व्यापारी और किसानों को भुगतना पड़ रहा है। निरस्त होने की सूचना का प्रचार-प्रसार कराया जाता तो व्यापारी परेशान न होते। 
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