फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Vrindavan: कृष्णा कुटीर में माताओं से हुआ राष्ट्रपति का संवाद, बोले- यशोदा मैया की ममता और मीराबाई के समर्पण के हो रहे दर्शन

Mon, 27 Jun 2022 07:10 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
विज्ञापन
1 of 5
राष्ट्रपति से मिलकर महिलाएं के छलके आंसू - फोटो : अमर उजाला
कृष्णा कुटीर में सोमवार को विधवा व बेसहारा माताओं को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि मुझे आप सभी माताओं-बहनों में यशोदा मैया की ममता और मीराबाई के समर्पण के दर्शन हो रहे हैं लेकिन सैकड़ों वर्षों से प्रचलित एक सामाजिक बुराई को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता। वृंदावन और इसी जैसे अनेक स्थानों में कठोर जीवन जीने वाली बेसहारा और उपेक्षित माताओं-बहनों की पीड़ा भी हमारे समाज की एक सच्चाई है। कहा कि बाल विवाह, सती प्रथा और दहेज प्रथा की तरह ही विधवा जीवन भी समाज की कुरीति है। यह एक सामाजिक बुराई है जो देश की संस्कृति पर एक कलंक है। 

राष्ट्रपति ने कहा कि राजा राममोहन राय, ईश्वर चंद्र विद्यासागर, स्वामी दयानंद को इस दिशा में कुछ हद तक सफलता भी मिली। आप स्वयं को इसके लिए दोषी न समझें। समाज में पूरे सम्मान से जीने का अधिकार संविधान, सुप्रीम कोर्ट, प्रदेश सरकार और समाज के लाखों संवेदनशील लोग आपके साथ खड़े हैं। 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
बांकेबिहारी मंदिर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले उन्होंने श्रीबांकेबिहारी के दर्शन कर देश की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी वर्ष 2011 से आपके हक में आवाज बुलंद की। कृष्णा कुटीर जैसे आश्रय स्थल का निर्माण एक बहुत सराहनीय है। समाज में जागरूकता लाएं कि विधवा महिलाओं के पुनर्विवाह, आर्थिक स्वावलंबन, पारिवारिक संपत्ति में हिस्सेदारी और सामाजिक अधिकारों की रक्षा के उपाय किए जाए। 
विज्ञापन

3 of 5
महिलाओं से मिलते राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रपति ने कहा कि सामाजिक जीवन से दूर हो गई इन माताओं को समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जाए। तीज त्योहारों मेला उत्सव में उनकी अद्भुत भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाए, जो हमेशा सफेद कपड़ों में रहती थीं वह रंगीन कपड़ों में हमारे सामने बैठी हैं। यह क्रांतिकारी परिवर्तन है।

4 of 5
बांकेबिहारी मंदिर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रथम महिला सविता कोविंद सहित राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का स्वागत करते हुए कहा कि विधवा माताएं भारत की उस कथित रूढ़िवादी व्यवस्था पर एक प्रहार भी हैं जो समाज की और व्यक्ति के जीवन की प्रगति को रोकने का कार्य करता है। मानवीय संवेदना को तार-तार ही करता है। राज्य सरकार ने न केवल वृंदावन में बल्कि वृंदावन के साथ ही वाराणसी, अयोध्या, लखनऊ, गोरखपुर और प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी इस प्रकार के निराश्रित महिलाओं के लिए स्थलों का निर्माण कराया है। जिससे कोई भी माता निराश न हो। मुख्यमंत्री ने यहां विधवा माताओं के लिए केंद्र और राज्य की विभिन्न सहयोगी योजनाओं की जानकारी भी राष्ट्रपति को दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
राष्ट्रपति ने महिलाओं के बनाए उत्पाद देखे - फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि वृंदावन की अनुपम छटा है। यह नगर हिंदू समाज की धार्मिक आस्थाओं से जुड़ा हुआ है। हिंदू समाज की सामाजिक और धार्मिक मान्यताओं के चलते बड़ी संख्या में विधवा महिलाएं अपना शेष जीवन पूजा-पाठ और भिक्षावृत्ति के सहारे गुजारती हैं। यह देखकर दुख होता है कि जो महिलाएं पूरा जीवन अपने परिवार के लिए न्यौछावर कर देती हैं, पति की मौत के बाद विधवा होने की वजह से परिवार उसको घर से बाहर धकेल देता है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें