मथुरा के दरेसी रोड से लेकर कोतवाली रोड और घीयामंडी तक रविवार को करीब पांच घंटे तक माहौल गर्माया रहा। हर तरफ अफरातफरी मची रही। हर कोई अनहोनी होने की आशंका से डरा सहमा दिखा। पुलिस और पीएसी के मोर्चा लेते ही दोपहर बाद माहौल शांत हो सका तो दुकानों के शटर खुले। फिलहाल पुलिस और पीएसी क्षेत्र में तैनात है। हमले के मामले में 14 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
रविवार सुबह 6:30 बजे के बाद गोरक्षा दल के कार्यकर्ताओं पर हमला होने के बाद मची भगदड़ से माहौल गर्मा गया। बाजार खुले ही थे कि धड़ाधड़ दुकानों के शटर गिरने लगे। इधर, गोरक्षा दल के कार्यकर्ताओं में उबाल आ गया तो दूसरी तरफ स्लॉटर हाउस की तरफ भी युवा की भीड़ बढ़ने लगी। माहौल गर्माने से पहले कोतवाली, गोविंदनगर, रिफाइनरी, जमुनापार, सदर बाजार, हाईवे पुलिस को बुला लिया गया। इसके अलावा पीएसी के जवान भी मौके पर पहुंच गए। दोपहर 12:30 बजे बाजार में दुकानें के शटर खुले। सीओ सिटी अभिषेक तिवारी ने बताया कि माहौल शांत है। हमलावरों की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही हैं।
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मथुरा पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
'गोरक्षक घुसे घर में, बेटी का टूटा हाथ'
कसाईपाड़ा की रेशमा का आरोप है कि उनके घर के दरवाजे का धक्का मारकर गोरक्षक दल के कार्यकर्ता घुसे थे। इसके कारण उनकी बेटी मंशता का हाथ टूट गया। गोरक्षक दल के 30-35 कार्यकर्ताओं ने महिलाओं से अभद्रता की और घर से सामान भी ले गए हैं। यह सभी हथियारों से लैस थे। यह घर में दुधारू पशुओं को खोलकर ले जाने लगे। विरोध करने पर अभद्रता करने लगे और अपशब्द भी बोले। आए दिन यह नारेबाजी करके माहौल गर्माकर धार्मिक भावनाएं भड़काते हैं। आरोप लगाने वाली महिला ने एसएसपी को शिकायत भेजकर मुकदमा दर्ज करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
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घटनास्थल पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
डायल 112 पौने घंटे बाद पहुंची
गोरक्षक दल के जिलाध्यक्ष रविकांत शर्मा ने बताया कि गोकशी की सूचना मिलने पर पुलिस अफसरों को सूचित कर दिया गया था। वहां पहुंचने पर डायल 112 पर सूचना दी, पर पौने घंटे बाद गाड़ी पहुंची, तब तक उन पर हमला हो गया। अगर पुलिस समय से पहुंच जाती तो कार्यकर्ताओं पर हमला नहीं होता। उनका आरोप है कि पुलिस गोकशी रोक नहीं पा रही है। गोरक्षक रोकने पहुंच रहे हैं तो उनके साथ जाने से क्यों कतराती है।
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कोतवाली के बाहर खड़े गोरक्षा दल के कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
गोरक्षकों ने युवक से की मारपीट
गोरक्षकों ने शुभान नाम के युवक से मारपीट कर डाली। कोतवाली पुलिस ने उसे छुड़ाकर अपने कब्जे में ले लिया। कोतवाल विजय कुमार सिंह ने बताया कि शुभान को तीन-चार थप्पड़ गोरक्षकों ने मार दिए थे। उसे पुलिस ने बचा लिया। इस मामले से उसका कुछ भी लेनादेना नहीं था। उसके घर में शादी है। उसे सकुशल घर भेज दिया गया।
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टेंपो में रखा बरामद प्रतिबंधित मांस (फाइल)
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गोविंदनगर पुलिस ने पकड़ा था गोवंश का मांस
गोविंदनगर पुलिस ने 18 फरवरी को मटियागेट से शारून को गिरफ्तार करते हुए गोवंश का 60 किलो मांस बरामद किया था। इसकी सूचना भी गोरक्षकों को लगी थी। हालांकि गोविंदनगर के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार पांडेय इस मामले में तीन को गिरफ्तार करके जेल भेज चुके हैं। फिलहाल तीन की तलाश में गोविंदनगर पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
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श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा
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तीर्थस्थल घोषित के बाद भी हो रहा है कटान
अति संवेदनशील श्रीकृष्ण जन्मस्थान से चंद कदमों की दूरी पर गोवंश या फिर पशुओं का कटान रुका नहीं है। जबकि तीर्थस्थल घोषित होने के बाद भी लगातार कटान होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। आखिरकार पूरी तरह से इस कटान पर प्रतिबंध न लग पाना भी पुलिस की मिलीभगत को उजागर करता है।
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नारेबाजी करते युवक
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कोतवाली का किया घेराव, लगाए नारे
दरेसी रोड स्थित कसाईपाड़ा में हुए इस घटनाक्रम में पुलिस की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए बजरंग दल, गोरक्षक और आरएसएस से जुड़े विभिन्न हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कोतवाली पर प्रदर्शन किया, जिसमें पुलिस विरोधी नारे भी लगाए गए। आक्रोशित लोग उत्तेजक नारे लगा रहे थे। एसपी सिटी मार्तंड प्रकाश सिंह, सीओ सिटी अभिषेक तिवारी, कोतवाल विजय कुमार सिंह, गोविंदनगर एसएचओ संजय कुमार पांडेय और आसपास के थानों का पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया।
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घटना के बाद जुटी भीड़
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शांत फिजा बिगाड़ रहे हैं गोरक्षक : तौफीक
इस्लामियां इंटर कॉलेज के प्रबंधक और प्रमुख मुस्लिम नेता मोहम्मद तौफीक कुरैशी का कहना है कि आए दिन हिंदूवादी संगठन जिस तरह से गोरक्षक के नाम पर उनके घरों पर छापा मार रहे हैं, उससे शहर की शांत फिजा को बिगाड़ा जा रहा है। उनका कहना है कि दो थाने और तीन पुलिस चौकियों के बीच बसे इस क्षेत्र में इस तरह की कोई सूचना गोरक्षकों को मिलती है तो उन्हें पुलिस के साथ आना चाहिए। वह स्वयं छापा मारकर समुदाय के लोगों को भड़का रहे हैं। हम पुलिस-प्रशासन के हर सहयोग को तैयार हैं।
कांग्रेस के पूर्व विधायक और रालोद के पदाधिकारी मनोहरपुरा पहुंच गए। यहां पर दोनों दलों के नेताओं ने सभी को सौहार्द बनाने की अपील की। कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रदीप माथुर, रालोद के प्रदेश उपाध्यक्ष कुंवर नरेंद्र सिंह ने कहा कि कृष्ण और रसखान की नगरी का माहौल गर्माना नहीं चाहिए। सभी भाईचारा बनाकर रहें।