शहीद दरोगा प्रशांत
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खंदौली के गांव नहर्रा में 24 मार्च को दो भाइयों शिवनाथ और विश्वनाथ के बीच पिता के खेत से आलू खोदने को लेकर विवाद हो गया था। शाम को विश्वनाथ खेत पर पहुंचकर मजदूरों को धमका रहा था। उसके हाथ में तमंचा था। इसकी सूचना पर दरोगा प्रशांत कुमार यादव एक सिपाही के साथ पहुंचे थे। तमंचा देखकर प्रशांत कुमार यादव विश्वनाथ को पकड़ने के लिए दौड़े थे। तभी विश्वनाथ ने गोली चला दी थी, जिसमें प्रशांत कुमार यादव शहीद हो गए थे।