ताजनगरी में सिविल टर्मिनल तो कभी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए हल्ला मचा हुआ है। हकीकत यह है कि अधिग्रहीत जमीन पर अब तक एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने कोई कब्जा नहीं लिया है। यूपी सरकार ने भी अब तक और जमीन अधिग्रहीत करने के लिए धनराशि अवमुक्त नहीं की है। नतीजतन, किसानों ने इस पर खेती करना शुरू कर दिया है। ऐसे में भविष्य में जमीन पर कब्जा लेने में एयरपोर्ट अथॉरिटी लाले पड़ जाएंगे।
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जमीन
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि धनौली में प्रस्तावित सिविल टर्मिनल के लिए प्रशासन को 23 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण करना है। इसमें करीब 14 हेक्टेयर जमीन का बैनामा हो चुका है। किसानों को करीब 88.33 करोड़ का भुगतान कर दिया है। शेष करीब नौ हेक्टेयर जमीन के लिए करीब 64.94 करोड़ की डिमांड भेजी गई है। पिछले दिनों सांसद रामशंकर कठेरिया ने पत्रकारवार्ता में कहा था कि यूपी सरकार ने धनराशि जारी कर दी है, लेकिन अभी तक पैसा नहीं मिला है। इसके चलते आगे की अधिग्रहण प्रक्रिया रुकी हुई है।
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जिस जमीन का अधिग्रहण हुआ है वह कई टुकड़ों में है। जिलाधिकारी ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर जमीन पर कब्जा लेने को कहा है। सूत्रों का कहना है कि अथॉरिटी टुकड़ों में कब्जा लेने के पक्ष में नहीं है। वह योजना की पूरी जमीन पर एक साथ बाउंड्री कराएंगे। ऐसे में किसानों ने वहां खेती करना प्रारंभ कर दिया है।
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कुछ किसानों ने जानवरों के लिए चारा बो दिया है तो कुछ अगली फसल के लिए ट्रैक्टर लेकर खेतों को जोतने के लिए पहुंचने लगे हैं। यदि वहां फसल तैयार हो जाती है तो जमीन पर कब्जा लेने में मुश्किल होगी। टर्मिनल की जमीन पर खेती की सूचना पर तहसीलदार ने किसानों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है। एडीएम भूमि अध्याप्ति नागेंद्र शर्मा का कहना है कि जिन किसानों की जिन जमीनों का बैनामा हो चुका है वह सरकार की संपत्ति हो चुकी है। इसलिए उस जमीन पर खेती नहीं होने दी जाएगी।
धनौली निवासी कलक्ट्रेट बार काउंसिल के अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह रावत भी काश्तकार हैं। उनकी जमीन सिविल टर्मिनल में जा रही है। उनका कहना है कि जमीन योजना के तहत चिह्नित हुई है, लेकिन अभी तक बैनामा नहीं हुआ है। उनके अनुसार उस जमीन पर खेती करने का हक उन्हें है। किसान विश्वनी रावत का कहना है कि जब सरकार जमीन बैनामा नहीं कराएगी तो किसान खेत ही जोतेगा। राजेंद्र सिंह, बीरी सिंह आदि का कहना है कि जब सरकार कब्जा लेगी तब खेत खाली कर दिए जाएंगे।