आगरा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के 65वें राष्ट्रीय अधिवेशन में आए जम्मू-कश्मीर के युवाओं ने कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाने पर 20 से 22 दिनों तक सरकार ने सख्ती की। उसके बाद लोगों का जीवन पटरी पर आ गया। इस फैसले को जम्मू-कश्मीर की जनता ने स्वीकार कर लिया है। अब वहां के लोगों की देश के लोगों और दिल्ली से अपेक्षाएं बढ़ गई हैं।
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कश्मीर के एबीवीपी कार्यकर्ता मुस्तफा अली
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को अमर उजाला से बातचीत में कश्मीर के शोपियां निवासी एबीवीपी के विभाग विस्तारक व प्रदेश सहमंत्री मुस्तफा अली ने बताया कि दिल्ली (केंद्र सरकार) जम्मू-कश्मीर के लोगों का दर्द कैसे दूर करेगी, यहां देखना होगा। वहीं, देश की जनता से अपेक्षा है कि कश्मीर विवाद से पहले की स्थितियों को फिर से स्थापित करने का प्रयास करे।
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जम्मू-कश्मीर के छात्र-छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
मुस्तफा ने कहा कि आतंकवाद व अन्य कारणों से विकास में जम्मू-कश्मीर बाकी देश के बाकी राज्यों से बहुत पीछे रह गया। उम्मीद है कि अब विकास को गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि जम्मू से श्रीनगर हाइवे पर 30 वर्षों से काम चल रहा है, अभी तक पूरा नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि कश्मीर में एबीवीपी का अभियान जारी है, मदरसों में संपर्क किया जा रहा है। कार्यकर्ता बढ़ रहे हैं।
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जम्मू की रहने वाली नैना डोगरा
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू से आईं नैना डोगरा ने बताया कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के निर्णय को हर वर्ग ने सहमति दी है। स्थिति भी सामान्य रही है। जम्मू कश्मीर के लोग मान रहे हैं कि विकास का रास्ता खुलेगा। पहले केंद्र सरकार विकास के लिए जो फंड देती थी, उसका पता नहीं चलता था।
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जम्मू की रहने वाली मुस्कान
- फोटो : अमर उजाला
मुस्कान ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाने से हमारा सपना पूरा हुआ। पहले जम्मू कश्मीर सैद्धांतिक रूप से देश का हिस्सा था, अब व्यवहारिक रूप से हिस्सा बन गया है। कोई व्यवस्था बदलने पर लोगों को कुछ डर लगता है पर उम्मीद है कि अच्छे नतीजे सामने आएंगे।
एबीवीपी के अधिवेशन में फोटो खिंचाती युवती
- फोटो : अमर उजाला
राजौरी के विश्वप्रीत सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने से लोग प्रसन्न हैं। पहले इस राज्य के साथ भेदभाव होता था। उम्मीद है यहां के लोगों को समान अधिकार मिलेगा। समान विकास होगा और यहां के युवा देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।