आगरा के न्यू आजमपाड़ा में रविवार की रात लोग दहशत की वजह से सो नहीं पाए। डर धमाकों के साथ मकानों के गिर जाने का भी था, क्योंकि इनमें दरारें आ चुकी हैं। लोगों को डर था कि कहीं ऐसा न हो कि वे सोएं और छत गिर जाए। दूसरा बारूद की गंध से भी परेशानी हुई। बुजुर्गों और सांस रोगियों को सांस लेना भारी हो गया था। बता दें कि रविवार दोपहर को आतिशबाज चमन मंसूरी के घर में अवैध पटाखा गोदाम में विस्फोट हो गया था। इसमें चार लोगों की मौत हो गई। तीन घायलों का इलाज चल रहा है।
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विस्फोट के बाद की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
अवैधा पटाखा गोदाम में विस्फोट के बाद देर रात तक मोहल्ले में पुलिस का आना जाना रहा। पुलिस को लग रहा था कि आतिशबाज चमन मंसूरी घर आएगा, तो उसे पकड़ा जा सकता है। वह नहीं आया। इसके बाद लोग आपस में धमाके की बातें करते रहे। चमन के घर के ठीक बराबर में रहने वाले लोगों को यह भी डर था कि पटाखों में फिर से धमाके न हो जाएं। धुआं काफी देर तक रहा था।
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विस्फोट के बाद पड़ोसी की छत ढही, फ्रिज जला
- फोटो : अमर उजाला
स्थानीय निवासी चंदा ने कहा कि हम भला कैसे सो पाते, धमाके बाद हमारे घर में आग लग गई थी, सारा सामान जल गया था, धुआं भरा हुआ था, बच्चे तक नहीं सो पाए क्योंकि दहशत बनी हुई थी। जन्नत ने कहा कि धमाके की दहशत बहुत थी। नींद आ ही नहीं रही थी। रात दो बजे सोने की कोशिश भी की लेकिन धुएं के कारण नींद नहीं आई, इसलिए घर के बाहर आ गए।
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धमाकों से पड़ोस के कई मकानों में आईं दरारें
- फोटो : अमर उजाला
हनीफ ने कहा कि हमारी छत पर मलबा गिरा था। दीवारों में दरार आ गई थी। ऐसे में उस घर में सोना खतरनाक था। हम रिश्तेदार के घर चले गए थे, वहां भी नींद नहीं आई। सोनम ने कहा कि हमारा घर चमन मंसूरी के घर के सामने है। घर में जलते हुए पटाखे गिरे थे। इससे दहशत हो गई। रात को आंख बंद करते ही डर लग रहा था, इसलिए सो नहीं पाई, घर में कोई नहीं सोया।
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विस्फोट से हुए नुकसान को दिखाते स्थानीय लोग
- फोटो : अमर उजाला
चमन मंसूरी के मकान में बने आतिशबाजी गोदाम में विस्फोट में चार लोगों की मौत के बाद मोहल्ले के लोगों में गुस्सा है। सोमवार को लोगों का कहना था कि चमन मंसूरी ने अवैध तरीके से गोदाम बना रखा था। यह मोहल्ले के लोगों के लिए भी आफत बन गया। चार लोगों की जान चली गई। यह लापरवाही और भी लोगों की जान ले सकती थी। पुलिस प्रशासन से मांग की है कि चमन पर सख्त कार्रवाई की जाए। अगर, दोबारा से काम होता है तो विरोध करेंगे। उसे घर में पटाखे नहीं रखने देंगे।
न्यू आजमपाड़ा में चमन मंसूरी के मकान में हुए धमाके में आबिद, शेरू, सलाउद्दीन और कारीगर फरमान की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम गृह पर मात्र फरमान के परिजन पहुंचे। अन्य के शवों को लेने परिवार का कोई व्यक्ति नहीं आया। सिर्फ रिश्तेदार ही थे। फरमान के शव को आजमपाड़ा में स्थित कब्रिस्तान में दफनाया। वहीं आबिद, सलाउद्दीन और शेरू के शवों को रिश्तेदार ताजगंज के बिल्लोचपुरा में पुश्तैनी कब्रिस्तान में दफन करने के लिए ले गए।