आगरा में ऑटो चालक नियमों को दरकिनार कर क्षमता से दोगुनी सवारियां बैठाकर लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। हाल ही में हादसों के बावजूद प्रशासन की ढिलाई और अवैध वसूली के कारण हालात जस के तस बने हुए हैं।
शहर में ऑटो चालक थोड़े लाभ के लिए सवारियों की जान जोखिम में डालकर वाहन दौड़ा रहे हैं। मंगलवार को चालकों की गलती से दो लोगों की मौत के बाद भी बुधवार को बेपरवाही दिखी। चालक सात सवारियों को बैठाकर ऑटो दौड़ाते नजर आए, जबकि नियम तीन का है। लोगों का आरोप है कि अधिकारी बड़े हादसों के बाद अभियान चलाते हैं, लेकिन मामला शांत होते ही सब कुछ पुराने ढर्रे पर आ जाता है।
ऑटो चालक कुछ रुपयों के लालच में मानकों को दरकिनार कर शहर के हर रूट पर छह से सात सवारियों को बैठाकर ऑटो दौड़ा रहे हैं। ड्राइवर सीट के बगल में अतिरिक्त सीट लगाकर दो से तीन सवारियां बैठाने से सबसे अधिक खतरा होता है। जगह नहीं बचने पर सामने से वाहन आते ही चालक ऑटो को नियंत्रित नहीं कर पाते और हादसा हो जाता है। हर चौराहे पर स्थानीय थाना और यातायात पुलिस की तैनाती के बावजूद कोई उन्हें रोकने का प्रयास करता नहीं दिखा।
विज्ञापन
2 of 6
ऑटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बुधवार को रामबाग चौराहे पर दिन में ज्यादातर ऑटो चालक छह सवारी बैठाने के बाद ही ऑटो को चौराहे से आगे ले गए। जबकि ऑटो में तीन सवारी बैठाने का मानक है। टेढ़ी बगिया रोड पर तो सवारियों की संख्या सात से आठ तक दिखी। इसी तरह वाटरवर्क्स चौराहे से यमुना किनारा होते हुए बिजलीघर जाने वाले ऑटो भी दोगुनी सवारी बैठाकर आगे बढ़ रहे थे।
विज्ञापन
3 of 6
ऑटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भगवान टॉकीज चौराहे पर पार्किंग ठेकेदार के लोग ऑटो के आगे खड़े होकर डंडे दिखाते हुए वसूली करते दिखे। उनसे बचने के चक्कर में भी कई बार ऑटो अनियंत्रित हो रहे थे। बिजलीघर और कैंट स्टेशन से हर रूट पर चलने वाले ऑटो का यही हाल था।
हादसे में छह मौत होने पर चला था अभियान
4 of 6
ऑटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुद्वारा गुरु का ताल कट पर 2 दिसंबर, 2023 को ट्रक ने ऑटो में टक्कर मार दी थी। हादसे में दादी-पौत्र, शिक्षिका समेत छह की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद पुलिस जागी थी। ऑटो चालकों के खिलाफ अभियान चलाया गया। क्षमता से अधिक सवारी बैठाने वाले चालकों, बिना लाइसेंस अप्रशिक्षित चालकाें के चालान काटे गए थे। तत्कालीन पुलिस आयुक्त जे.रविन्दर गौड़ ने खुद एक ऑटो को आठ सवारियां ले जाते रोककर कार्रवाई की थी। एसीपी ट्रैफिक ने ड्राइवर सीट के बगल अतिरिक्त सीटें हटवा दी थीं। दोबारा सीट लगाने पर वाहन सीज करने की चेतावनी दी गई थी। मुख्यमंत्री के आदेश पर 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक विशेष अभियान भी चला था। कुछ दिन सुर्खियां बटोरने के बाद अधिकारी सभी अभियानों को भूल गए।
विज्ञापन
5 of 6
ऑटो
नियमों का सख्ती से हो पालन
रोड सेफ्टी के जानकार समीर कुमार का कहना है कि नियमों का सख्ती से पालन किया जाय। ऑटो चालकों का रूट तय कर उनका ड्रेस और लाइसेंस अनिवार्य होना चाहिए। पार्किंग माफिया पर लगाम लगनी चाहिए। समय-समय पर ऑटो की फिटनेस की भी जांच होनी चाहिए।
अतिरिक्त सीट हटाने का चलेगा अभियान
डीसीपी ट्रैफिक सोनम कुमार ने बताया कि ऑटो में चालक सीट के बगल अतिरिक्त सीट लगाने वालों के खिलाफ अभियान शुरू किया जा रहा है। इसके लिए थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं। ऑटो चालकों की जानकारी एप पर अपलोड करने के लिए भी कार्य किया जा रहा है।