फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लॉकडाउन का एक साल: लॉकडाउन में सुधर गई हवा, अनलॉक में घुला जहर

Tue, 23 Mar 2021 09:46 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • मार्च से मई के बीच प्रदूषण से मिली थी हवा
  • लॉकडाउन खुलने के बाद फिर बिगड़ी
विज्ञापन
1 of 6
ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
ठीक एक साल पहले जब कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए 21 दिनों के लिए सबसे पहला लॉकडाउन लगाया गया और जून तक इसे कई चरणों में बढ़ा गया तो हवा में घुला जहर और यमुना में घुले केमिकल दोनों से मुक्ति मिल गई। लॉकडाउन के दौरान एयर क्वालिटी इंडेक्स में जबरदस्त सुधार आया। अनलॉक से पहले ताजनगरी की हवा सबसे स्वच्छ हो गई और नदी में सबसे कम प्रदूषण नजर आया। जून में अनलॉक होने के बाद से लेकर अब मार्च तक न केवल हवा, बल्कि यमुना नदी में प्रदूषण फिर पुराने ढर्रे पर लौट आया।
विज्ञापन

2 of 6
ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
बीते साल 23 मार्च से 31 मई के बीच लॉकडाउन के चलते सभी फैक्टरी, वाहन, निर्माण कार्य बंद होने के चलते ताजनगरी की हवा बेहतर हो गई थी। वर्ष 2016 से 2021 के बीच बीते साल के मार्च महीने में प्रदूषण स्तर एकाएक घट गया, जबकि इस साल एक्यूआई तीन गुना से ज्यादा 195 पर चल रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट में आगरा में साल 2020 के मार्च महीने में 14 दिन हवा की गुणवत्ता अच्छी रही, जबकि 11 दिन ये औसत रही। इस पूरे महीने ही धूल के कण और कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा कम रही। 
विज्ञापन

3 of 6
आगरा की सड़कों पर उड़ती धूल - फोटो : अमर उजाला
सोमवार को 195 रही हवा की गुणवत्ता
सोमवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 195 दर्ज किया गया। इसमें सूक्ष्म कणों की मात्रा सामान्य से 5 गुना ज्यादा 305 तक रही। 

सबसे खराब रहा मार्च, 2018 
एयर क्वालिटी इंडेक्स के लिहाज से मार्च, 2018 सबसे खराब रहा। तब केवल एक दिन 5 मार्च को एक्यूआई लेवल 96 पर रहा। तब 10 दिन हवा बेहद खराब और 20 दिन औसत स्तर पर रही थी। मार्च, 2017 में 6 दिन तक बेहद खराब यानी 300 के पार एक्यूआई पहुंच गया था। मार्च, 2016 में भी 7 दिनों तक आगरा की हवा बेहद खराब और 3 दिन खराब के स्तर पर रही थी। वर्ष 2019 के मार्च महीने में आगरा के लोगों को केवल 3 दिन ही अच्छी हवा नसीब हो पाई थी, जबकि 2020 के मार्च के महीने में 14 दिन आगरा की हवा बेहतर रही।

4 of 6
लॉकडाउन में आगरा शहर - फोटो : अमर उजाला
इसलिए पड़ा था असर
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रभारी अधिकारी कमल कुमार के मुताबिक लॉकडाउन के कारण ट्रैफिक न होने, सभी निर्माण कार्य बंद होने से हवा सुधरी थी। अनलॉक में फिर से हवा और पानी में प्रदूषण बढ़ गया।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी भुवन प्रकाश यादव के मुताबिक निर्माण कार्यों के कारण उड़ती धूल बीते साल लॉकडाउन में नहीं थी, जबकि इस बार सीवर, पानी की लाइन के लिए खोदाई हो रही है।
विज्ञापन

5 of 6
आगरा लॉकडाउन - फोटो : अमर उजाला
लॉकडाउन में सबसे अच्छी हवा
 
माह बोदला    नुनिहाई
मार्च 2016 221 308
मार्च 2017  127 148
मार्च 2018 152 248
मार्च 2019 143   176
मार्च 2020 90  99

(प्रदूषण स्तर एक्यूआई में)
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
आगरा लॉकडाउन - फोटो : अमर उजाला
अनलॉक में ऐसी रही हवा
माह                                                                                                        एक्यूआई (औसत)
मार्च (2020) 90
अप्रैल 75
मई 77
जून 92
जुलाई 85
अगस्त 72
सितंबर  113
अक्तूबर  240
नवंबर 234
दिसंबर  331
जनवरी (2021)  224
फरवरी    219

मार्च                                                                                                190 (22 मार्च तक का औसत एक्यूआई)
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें