देश-दुनिया में छाई मंदी का असर ताजमहल पर भी नजर आ रहा है। इस साल जुलाई के महीने तक भारतीय सैलानियों की संख्या में 12 फीसदी और विदेशी पर्यटकों की संख्या में 7 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। बीते साल के मुकाबले इस अवधि में चार लाख सैलानी कम आए। केवल ताज की टिकटों से ही 8.33 करोड़ रुपये की कमाई कम हुई है।
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ताजमहल के टिकट काउंडर पर पर्यटकों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
इस साल जनवरी को छोड़कर बाकी छह महीने पर्यटन उद्योग पर भारी पड़े हैं। फरवरी से पर्यटकों की गिरावट का जो सिलसिला शुरू हुआ, वो अब तक थमा नहीं है। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय सैलानियों की संख्या में दो फीसदी इजाफे का दावा कर रहा है, लेकिन ताजमहल पर बिके टिकटों का आंकड़ा पर्यटन उद्योग में अलग तस्वीर पेश कर रहा है। सैलानियों की संख्या कम होने का असर होटल, एंपोरियम, नाइट स्टे, टिकटों से कमाई और हैंडीक्राफ्ट बिक्री पर पड़ा है।
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ताजमहल को निहाता विदेशी युगल
ताजमहल पर विदेशी पर्यटकों की संख्या में फरवरी से लगातार गिरावट आ रही है। जून में इनकी संख्या सबसे कम रही। फरवरी में 1.11 लाख तक विदेशी ताज देखने आए। पर्यटन विशेषज्ञों के मुताबिक बालाकोट पर एयर स्ट्राइक के बाद बने हालातों के मद्देनजर विदेशी पर्यटकों ने अपने टूर कैंसिल कर दिए थे। उसका भी दो महीने तक असर रहा है। भारतीय पर्यटकों की संख्या मार्च और जनवरी में सबसे ज्यादा जबकि अप्रैल में सबसे कम रही।
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ताजमहल पर टर्न स्टाइल गेट से प्रवेश के लिए लाइन में लगे सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
ताज पर भारतीय पर्यटक
ताज पर विदेशी पर्यटक
माह
2019
2018
2019
2018
जनवरी
4,65,176
3,91,364
95,718
95,230
फरवरी
3,84,153
3,94,547
1,11,747
1,12,101
मार्च
4,92,380
5,09,355
1,08,373
1,17,819
अप्रैल
3,27,683
4,19,949
58,418
67,774
मई
3,87,013
5,50,132
31,161
37,676
जून
4,45,878
5,60,953
26,259
28,797
जुलाई
3,62,024
4,24,528
36,799
42,952
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ताजमहल पर सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान ने बताया कि देश और दुनिया में छाई मंदी का असर तो सैलानियों की संख्या पर पड़ा ही है, लेकिन ताज पर अव्यवस्थाएं भी हैं। इस कारण भी दोबारा और कई बार आने वाला पर्यटक घटा है। पर्यटकों को ताज पर टिकट के लिए भी मारामारी करनी पड़ रही है।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
टूरिज्म गिल्ड के उपाध्यक्ष राजीव सक्सेना ने कहा कि जब दुनिया में मंदी है तब विशेष सुविधाएं देनी चाहिए थीं, पर न सरकार, न सरकारी विभाग, पर्यटकों की गिरती संख्या से चिंता में हैं। पर्यटकों की तकलीफें इतनी हैं कि एक-दूसरे से माउथ पब्लिसिटी के जरिए फैलती हैं, जिसका बुरा असर पड़ रहा है।
आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चैंबर के अध्यक्ष प्रहलाद अग्रवाल ने बताया कि फरवरी से ही पर्यटकों की संख्या कम हो रही है। इससे हैंडीक्राफ्ट की बिक्री आधे से भी कम रह गई है। मंदी का यह समय ऐसा है जब पर्यटकों के लिए विशेष योजनाएं बनाकर उन्हें तीन दिन तक रोकने का प्रयास हो। टूरिस्ट सीजन से पहले कदम उठाने पड़ेंगे।