आगरा में बारिश से दो मंजिला दुकान गिर पड़ी थी। मलबे में दबी महिला का अब तक पता नहीं लग सका है। टीम महिला की तलाश में जुटी हैं। वहीं हादसे के बाद अब कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले में नगर निगम ने जेई को दोषी माना है।
आगरा के सुभाष बाजार में दो मंजिला दुकान गिरने के मामले में नगर निगम की जांच में क्षेत्र के अवर अभियंता ललित अग्रवाल को दोषी माना गया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है, जबकि नगर निगम के प्रभारी मुख्य अभियंता अरविंद श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
नाले के ऊपर बनी दुकान के गिरने के मामले में नगर निगम की कार्यप्रणाली और रखरखाव पर कई सवाल उठे थे। नगर आयुक्त ने इस मामले की जांच के आदेश अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार को दिए थे। जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि क्षेत्र के अवर अभियंता ललित अग्रवाल पर जिम्मेदारी थी कि वे समय-समय पर दुकानों और संरचनाओं की तकनीकी स्थिति का निरीक्षण कर जर्जर भवन को नोटिस जारी करते।
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महिला की तलाश में जुटे निगम कर्मी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने सुभाष बाजार कमेटी की 9 जून की मांग पर 16 जून को निरीक्षण भी किया, लेकिन इसकी रिपोर्ट नहीं दी। तकनीकी संरचना का आकलन नहीं किया गया। अपर नगर आयुक्त की रिपोर्ट में इसे गंभीर प्रशासनिक और तकनीकी लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की संस्तुति की गई है। इसी रिपोर्ट के आधार पर नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने प्रभारी मुख्य अभियंता अरविंद श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। क्षेत्रीय अवर अभियंता ललित अग्रवाल के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है।
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रेस्क्यू टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सभी दुकानों, नाले पर बने भवनों का होगा सर्वे
नगर आयुक्त ने बताया कि नाले पर बने भवनों, दुकानों और अन्य परिसंपत्तियों तथा सार्वजनिक भवनों की स्थिति का भी परीक्षण कराया जाएगा, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। नाले पर बने पूर्व में चिह्नित भवनों को नोटिस जारी किए गए हैं। जांच रिपोर्ट में जिन अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इंजीनियरों को नियमित परीक्षण के लिए कहा गया है।
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रेस्क्यू टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बंद रहा सुभाष बाजार और मुखर्जी मार्केट
दुकान के धंसने के मामले में सुभाष बाजार और मुखर्जी मार्केट बृहस्पतिवार को बंद रहा। जामा मस्जिद के पीछे बनी सभी दुकानों के शटर नहीं खुले। यहां रेलवे पुल की ओर से आ रही सड़क पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगा दी। वहीं जामा मस्जिद के दूसरे छोर पर चिम्मन चौराहा रोड के पास भी बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया गया। केवल पुलिस, प्रशासन, नगर निगम और राहत से जुड़े लोगों को ही जाने दिया गया। नाले के ऊपर बनी दुकानों और नाले के पास किसी को भी नहीं जाने दिया गया। यहां पोकलेन और चेन मशीन चलने के कारण कंपन होता रहा, जिससे सीसी प्लेटफॉर्म के गिरने की आशंका पर सभी को पुलिस बार-बार हटाती रही।
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रेस्क्यू करती टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दूसरे दिन भी नहीं चला पता
आगरा के जामा मस्जिद के पास सुभाष बाजार में बुधवार को नाले में समाई दो मंजिला दुकान के मलबे में दबीं महिला सिपाही की मां गंगा देवी (60) का दूसरे दिन भी पता नहीं चला। बृहस्पतिवार सुबह से ही नगर निगम, एसडीआरएफ व दमकल की टीमें तलाश में लग गईं और शाम तक बुलडोजर से सिल्ट हटाने का काम चलता रहा। गोताखोर भी लगे रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। मौके पर परिजन भी जुटे हैं। वृद्धा के न मिलने से नाराज महिलाओं ने शाम पांच बजे बिजलीघर चाैराहे के पास हंगामा करते हुए जाम लगाने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाकर हटा दिया।
सुभाष बाजार में मंटोला नाले के ऊपर आठ दुकानें बनी थीं।
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रेस्क्यू करती टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
केदार नगर निवासी तुलाराम की राधा स्वामी क्लाॅथ स्टोर के नाम से दुकान थी। बुधवार दोपहर 2:25 बजे नाले का जर्जर लिंटर भरभराकर गिरने से दो मंजिला दुकान ढह गई थी। 20 फीट गहरे नाले में दुकान के मलबे के साथ तुलाराम, उनका पाैत्र कृष्णा, कर्मचारी लाला, खरीदारी करने आईं सैंया के नगला तेजा निवासी महिला सिपाही अनीता, उनकी मां गंगा देवी और डेढ़ साल की बेटी अनन्या दब गए थे। पांच लोगों को बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन गंगादेवी का पता नहीं चल सका था।
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बाजार में जुटी लोगों की भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वृद्धा की तलाश में नगर निगम, पुलिस, दमकल के साथ ही एसडीआरएफ की टीम को भी लगाया गया था। बुधवार रात 12:30 बजे तक तलाशी अभियान चला था। बृहस्पतिवार सुबह 6 बजे फिर टीमें पहुंच गईं। बाजार भी बंद रहा। घटनास्थल के आसपास गोताखोर और निगम कर्मचारी उतारे गए मगर वृद्धा का पता नहीं चला। बाद में बुलडोजर से सिल्ट निकालने का काम शुरू कराया गया।
एडीसीपी हिमांशु गाैरव ने बताया कि नाला 20 फीट गहरा है। मलबे के साथ नाले में सिल्ट भी जमा है। ऐसे में गोताखोर भी ठीक से तलाश नहीं कर पा रहे हैं। ज्यादा गहराई में जाने में उनके फंसने का भी खतरा है। पहले सिल्ट हटवाई जा रही है। आशंका यह भी है कि पानी के तेज बहाव में गंगा देवी बह गईं। बिजलीघर पर नाले की एक जाली लगी हुई। जाली के आसपास खुले स्थान पर नाले को चेक कराया गया है, लेकिन कुछ पता नहीं चला। हादसे के बाद से बाजार में वृद्धा के परिजन डेरा डाले हुए हैं। शाम पांच बजे कुछ महिलाएं बिजलीघर चाैराहे के पास हंगामा करने लगीं। सूचना पर पहुंचे एडीसीपी ने उन्हें शांत कराया। कहा कि तलाशी अभियान में किसी तरह की लापरवाही नहीं हो रही है। इसके बाद महिलाएं चली गईं।