आगरा के सुभाष बाजार में बारिश के दौरान दो मंजिला कपड़े की दुकान अचानक नाले में समा गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। 15 मिनट तक चीख-पुकार के बीच लोगों ने कई घायलों को बचाया, जबकि एक वृद्ध महिला की तलाश देर रात तक जारी रही।
बारिश के दाैरान बुधवार दोपहर जामा मस्जिद के पास सुभाष बाजार में हादसा हो गया। क्षतिग्रस्त लिंटर ढहने से दो मंजिला कपड़े की दुकान भरभराकर नाले में समा गई। मलबे में व्यापारी, उनका पाैत्र, एक कर्मचारी के अलावा खरीदारी करने आईं लखनऊ में तैनात सिपाही अनीता, उनकी मां गंगा देवी (60) और डेढ़ साल की बेटी अनन्या दब गई। व्यापारियों और राहगीरों ने मलबा हटाकर महिला सिपाही सहित पांच घायलों को बाहर निकाल लिया लेकिन गंगादेवी का पता नहीं चल सका। सूचना पर पुलिस के साथ नगर निगम, दमकल की टीम पहुंच गई। तीन घंटे बाद मथुरा से एसडीआरएफ और पीएसी के गोताखोर भी बुला लिए गए मगर रात तक वृद्धा का पता नहीं चल सका।
दुकानों में कर्मचारी ग्राहकों को सामान दिखा रहे थे। सड़क पर लोगों की आवाजाही थी। कुछ लोग दुकानों के छज्जों की ओट में खड़े बारिश थमने का इंतजार कर रहे थे। यकायक तेज धमाके की आवाज हुई और सबका ध्यान राधास्वामी क्लॉथ स्टोर की ओर गया। दुकान जमींदोज हो चुकी थी। अंदर से लोगों के चीखने की आवाजें आ रही थीं। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि जमींदोज दुकान के साथ नाले में आखिर कितने लोग गिरे हैं। सुभाष बाजार में हुए हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों ने अपनी आंखों बयां की।
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रेस्क्यू करती टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
राधा स्वामी क्लॉथ स्टोर के सामने की स्थित दुकान में काम करने वाली खुशी ने बताया कि वह दुकान पर थीं। बारिश के कारण ग्राहक नहीं थे, सभी बैठे हुए थे। उनके सामने पहले अनीता अपनी डेढ़ वर्षीय बेटी के साथ दुकान के अंदर आईं। पीछे से उनकी मां भी आ गईं। वह कपड़े देख ही रहे थे कि तेज धमाके के साथ दुकान भरभरा कर ढह गई। जब तक कोई कुछ समझता दुकान के लोग भी नाले में जा चुके थे। दुकान में दो शटर थे।
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रेस्क्यू करती टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
करीब 30 सेकंड तक कोई कुछ समझ नहीं पाया। इसके बाद नाले में गिरे लोगों की चीखें सुनकर लोग दुकान की ओर भागे। लोगों को डर लग रहा था कि कहीं आसपास की सड़क भी नहीं धंस जाए। कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाई और घायलों को बाहर निकाला। पास ही छोले-भटूरे की दुकान पर काम करने वाले भरत ने बताया कि हादसे के बाद सबसे पहले उन्होंने गैस बंद कर कढ़ाही हटाई। इसके बाद भागकर पहुंचे तो तुलाराम कराहते दिखे। लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकाला। इसके बाद महिला और उसकी बच्ची को निकाला गया।
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जिलाधिकारी मौके पर पहुंचे
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दहशत में आ गया रिक्शा चालक
नावेद ने बताया कि वह अपना ई-रिक्शा लेकर निकल रहा था। अचानक दुकान ढह गई। यह देखकर वो घबरा गया। ई-रिक्शा को तेजी से बाजार से बाहर ले गया। हादसे के बाद लोग समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर हुआ क्या है। 15 मिनट तक चीख-पुकार मची रही। रास्ता बंद करके बचाव अभियान किया शुरूबाजार में काम करने वाले सोनू ने बताया कि वह अपने मालिक से तनख्वाह लेने के लिए आए थे। दुकान के बाहर खड़े थे कि तभी हादसा हो गया। सभी लोग राहत कार्य में जुट गए। उस समय डर यह था कि कहीं दबाव पड़ने पर आसपास की सड़क भी नहीं धंस जाए। इसलिए तत्काल दुकान के टूटे बोर्ड और बाइकें खड़ी कर रास्ता अवरुद्ध किया गया। हादसे के बाद अधिकतर दुकानदारों ने शटर बंद कर दिए। पुलिस टीम जब पहुंची तो उन्हें भी यही डर सताया। अधिकारियों ने लोगों को चेतावनी देकर वहां से दूर हटाया।
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रेस्क्यू टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छतों पर लगी भीड़
हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। मार्केट की छतों पर कर्मचारी और अन्य लोग काफी संख्या में एकत्रित होने लगे। बाजार की अधिकतर इमारतें पुरानी बनी हुई हैं। ऐसे में पुलिस को डर था कि कहीं और किसी जगह भी हादसा नहीं हो जाए। इसलिए दुकानदारों को समझाकर सभी को छतों से नीचे उतारा गया।
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लोगों की जुटी भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मददगारों से ज्यादा वीडियो बनाने वाले
रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे दुकानदार, कर्मचारियों और पुलिस व अन्य विभागों के लोगों को मोबाइल से वीडियो बनाने वालों ने काफी परेशान किया। जेसीबी, एंबुलेंस आने और मलबा हटाने के दौरान लोग बार-बार बीच में आकर वीडियो बना रहे थे। मददगारों से ज्यादा वीडियो बनाने वाले घटनास्थल पर पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने सभी को वहां से हटाया।
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पुलिस टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बेटा तू ठीक है... फिर भी अस्पताल चला जा
हादसे के बाद दिलीप के बेटे कृष्णा को लोगों ने बाहर निकाला। कृष्णा ने बताया कि वह पीठ के बल गिरे थे। उन्हें चोट नहीं लगी है। हादसे के दौरान धमक लगने के कारण सिर चकरा रहा है। इस पर पिता दिलीप ने पहले उन्हें चेक किया। कृष्णा दुकान का सामान बाहर निकालना चाहते थे। दुकानदारों ने समझाया कि बेटा तू अस्पताल जाकर पहले तसल्ली से जांच करा ले। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया।
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बुलडोजर मलबा निकालता हुआ
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नाले के ऊपर बनीं थीं आठ दुकानें
सुभाष बाजार में मंटोला नाले के ऊपर नगर निगम की आठ दुकानें बनी थीं। केदार नगर निवासी तुलाराम की राधा स्वामी क्लाॅथ स्टोर के नाम से साड़ियों और कपड़ों की दुकान थी। उनके बेटे दिलीप ने बताया कि जिस नाले पर दुकान बनी है, वह काफी जर्जर हो चुका है। इससे दुकान में दरार आ रही थी। इस संबंध में डेढ़ महीने पहले नगर आयुक्त को ज्ञापन देकर दुकान और नाले की मरम्मत की मांग की थी लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस कारण दुकान का कुछ हिस्सा खाली कर दिया था और बाहर बैठकर ही व्यापार करते थे। कुछ माल गोदाम में रख दिया था।
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बाजार में जुटी लोगों की भीड़
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बुधवार को बारिश के दाैरान नाले में पानी का बहाव तेज हो गया। दोपहर में तुलाराम, उनका पाैत्र कृष्णा, कर्मचारी लाला बैठे हुए थे। दिलीप भी कुछ दूरी पर खड़े थे। सैंया के गांव नगला तेजा की रहने वाली लखनऊ में तैनात सिपाही अनीता अपनी मां गंगा देवी और बेटी अनन्या के साथ खरीदारी के लिए आई थीं। गंगा देवी दुकान पर साड़ी देखने लगीं और अनीता के गोद में बेटी थी।
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रेस्क्यू टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
करीब 2:25 बजे नाले का लिंटर ढह गया और तेज आवाज के साथ दो मंजिला दुकान भी समा गई। सभी छह लोग नाले के अंदर मलबे के साथ दब गए। आवाज सुनकर पूरे बाजार में अफरा-तफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। चीख-पुकार सुनकर व्यापारी नाले की तरफ दाैड़े और कुछ ही देर में सिपाही और उनकी बेटी को बाहर निकाल लिया। बाद में तुलाराम को निकाला गया। सूचना पर 10 मिनट में पुलिस भी पहुंच गई। करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद लोगों ने कृष्णा और लाला को भी निकाल लिया लेकिन गंगा देवी का पता नहीं चल सका। मां के मलबे में दबे होने की वजह से अनीता रोने लगी। उन्हें किसी तरह लोगों ने संभाला। सभी घायलों को इलाज के लिए निजी अस्पताल भेजा गया।
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बुलडोजर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सूचना पर एडिशनल सीपी सचिंद्र पटेल, डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास, एडीसीपी हिमांशु गाैरव, एसीपी कोतवाली सहित अन्य पहुंच गए। बाद में दमकल की रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। मलबा हटाकर देखा गया लेकिन वृद्धा का पता नहीं चला। बाद में गोताखोर सीढ़ी लगाकर उतारे गए। बिजली घर तक नाले को चेक किया गया मगर रात तक गंगा देवी का पता नहीं चला। डीएम मनीष बंसल ने भी माैके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि नाले के ऊपर बनी दुकान ढहने से पांच लोग घायल हुए हैं। बुजुर्ग महिला की तलाश जारी है। एसडीआरएफ की टीम बचाव अभियान चला रही है।
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विलाप करता युवक
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टाइम लाइन
- दोपहर 2:25 बजे -सुभाष बाजार में दुकान अचानक नाले में समाई
- 2:30 बजे -आसपास के दुकानदारों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया
- सूचना पर 2:45 बजे- रेलवे लाइन और सुभाष बाजार चौकी से पुलिस पहुंची
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रेस्क्यू करती टीम
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- 3:15 बजे- दमकल की टीमें मौके पर पहुंच गईं
- 3:20 बजे- एडीसीपी क्राइम हिमांशु गौरव और 3:25 पर डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास पहुंचे
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नाले से बाहर आता टीम का सदस्य
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- 3:45 बजे -एंबुलेंस मौके पर पहुंची
- 4:20 बजे - फायर ब्रिगेड ने बहु आपदा प्रतिक्रिया वाहन बुलाया
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बेसुध हुई महिला
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- 4:30 बजे -एहतियातन क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बंद की गई
- 5 बजे -बुलडोजर लाकर मलबा हटाया गया