आगरा किला स्मारक में सैलानियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। यहां मोबाइल नेटवर्क न आने से टिकटों की बुकिंग मुश्किल है तो वहीं टिकट मिलने पर सैलानी प्रवेश से पहले अपने साथ लाए सामान लॉकर में नहीं रख पा रहे।
विज्ञापन
2 of 5
बंद अमानती घर
- फोटो : अमर उजाला
लॉकर की सुविधा आगरा किले पर शुरू न होने के कारण पर्यटकों को परेशान होना पड़ रहा है। एएसआई अधिकारियों के मुताबिक कोविड प्रोटोकॉल के कारण लॉकर शुरू नहीं किए हैं। इसके लिए जब आदेश आएगा, तब पालन किया जाएगा।
विज्ञापन
3 of 5
आगरा किला
- फोटो : अमर उजाला
आगरा किला स्मारक के अंदर दीवान-ए-आम परिसर में पेड़ के गिरने से निकलकर सामने आए दो गोले ब्रिटिशकालीन हैं या मुगलकालीन, इसकी केमिकल जांच की जाएगी। दोनों ही प्राचीन गोले मिट्टी में दबे होने के कारण खराब स्थिति में हैं। जिस जगह ये गोले मिले हैं, उससे सटे मीना बाजार की ओर ब्रिटिशकालीन गोला बारूद का गोदाम लंबे समय तक रहा है।
4 of 5
आगरा किला में लाइट एंड साउंड शो के दौरान की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
मीना बाजार की साइंटिफिक क्लीयरेंस के दौरान यहां बड़ी संख्या में तोप के गोले निकले थे। यहीं पर तीन साल पहले ब्रिटिशकालीन तोप भी निकली थी, जो आगरा किला के दीवान ए आम में लगा दी गई। एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि उन्होंने अभी गोले नहीं देखे हैं। यह किस काल के हैं, यह जांच का विषय है। इस पर दो संभावनाएं हैं। एक तो ये ब्रिटिशकालीन हो सकते हैं। दूसरी संभावना ये है कि मुगलकाल में किले की दीवार पर चढ़ने वालों पर यह 50 से 150 किलो वजन के गोले गिराए जाते हों। सफाई के बाद केमिकल जांच में ही स्पष्ट होगा।