अब तक शहरवासी भी कोरोना से बचाव में लापरवाही कर रहे हैं तो एक गांव ऐसा भी है जो जागरुकता की मिसाल पेश कर रहा है। यहां ग्रामीणों ने किसी भी बाहरी व्यक्ति के आने पर रोक लगा दी है। इसके लिए बाकायदा गांव के बाहर बैनर भी लगाया गया है। ये गांव है विकास खंड सुल्तानगंज का अकबलेपुर।
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अकबलेपुर गांव में लगाए नो एंट्री के बैनर
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों ने आपसी सहमति से एक बैठक कर निर्णय लिया कि गांव में कोई भी बाहर से आने वाला व्यक्ति प्रवेश नहीं करेगा। इसके बाद गांव के बाहर लगाए गए बैनर पर लिखा गया है कि सभी बाहरी व्यक्ति और रिश्तेदार को गांव में आना सख्त मना है। कुमार राजपूत ने बताया कि गांव के कुछ युवक गैर प्रदेशों में काम करते हैं। उनको भी गांव में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। इसके लिए एक ग्रामीण को रखा गया है। उसे सभी लोग आपसी सहयोग से उसके कार्य के लिए धनराशि उपलब्ध कराएंगे।
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पुलिस ने लगाए बैरियर
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों ने नौकरी से लौटने वाले लोगों के लिए अलग व्यवस्था की है। इसके लिए उन्होंने गांव के बाहर बने मंदिर पर रुकना होगा। यहां उनकी जांच कराई जाएगी। इसके बाद ही वे गांव में आ सकेंगे। सभी को सख्ती से इसका पालन करने के लिए कहा गया है।
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नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में सन्नाटा छाया रहा
- फोटो : अमर उजाला
मैनपुरी में नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में सन्नाटा छाया रहा। भक्तों ने घरों पर ही हवन-पूजन किया। वहीं मंदिरों के आसपास पुलिसफोर्स तैनात रही। बता दें कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार ने 21 दिन का लॉकडाउन किया है।
लॉकडाउन में सूनी पड़ी मैनपुरी की सड़कें
- फोटो : अमर उजाला
लॉकडाउन की वजह से प्रशासन की ओर से जिले के सभी मंदिर व अन्य धार्मिक स्थल बंद करा दिए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वह घर पर ही पूजा अर्चना करें। जिन मंदिरों में हजारों भक्तों की भीड़ उमड़ती थी, वहां सन्नाटा छाया रहा। जिले के प्रमुख शीतला देवी मंदिर के कपाट बंद रहे। मंदिर के आसपास पुलिस फोर्स की तैनाती रही। इसी तरह अन्य मंदिर भी बंद रहे। गांव देहात और गलियों में बने देवी मंदिरों में कुछ भक्तों को पूजा अर्चना करते हुए देखा गया।