बुलियन कारोबारी नीरज अग्रवाल की मौत के मामले के खुलासे को जुटी इंस्पेक्टरों और दरोगा की टीम शनिवार को कलाकुंज पहुंची। यहां पर इंस्पेक्टर सूरज प्रकाश शर्मा और बंगालीघाट चौकी प्रभारी राकेश कुमार ने बुलियन कारोबारी के पिता दिनेश चंद अग्रवाल से जानकारी जुटाई।
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पत्नी-बेटी के साथ बुलियन कारोबारी (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान पीड़ित पिता ने बताया कि कार में जाते हुए नीरज की बराबर की सीट पर कोई न कोई व्यक्ति जरूर होगा, लेकिन कार में ऐसा कुछ नहीं मिला। वहीं, कार में खून इतना नहीं मिला, जबकि तीन लोगों की मौत गोली लगने से हुई है।
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पत्नी-बेटी के साथ बुलियन कारोबारी (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि रात 11 बजे घर से निकले उनके बेटे की कार सुबह 4:30 बजे मिली है। ये सभी सवाल हत्या की ओर से इशारा कर रहे हैं। ऐसे सवाल दागकर कारोबारी के पिता ने पुलिस टीम को सोचने को मजबूर कर दिया है।
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इसी कार में बुलियन कारोबारी ने पत्नी बच्चों को गोली मारी
- फोटो : अमर उजाला
यह टीम एसएसपी शलभ माथुर ने बनाई है, जिसमें थाना जमुनापार प्रभारी निरीक्षक राजित वर्मा, इंस्पेक्टर सदुवनराम गौतम, इंस्पेक्टर सूरज प्रकाश शर्मा और बंगालीघाट चौकी प्रभारी को रखा गया है। इन सभी को अपनी जांच पूरी करने के बाद ही जल्द रिपोर्ट सौंपनी है।
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शौर्य का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
आपको बता दें कि एक जनवरी को बुलियन कारोबारी नीरज अग्रवाल, पत्नी नेहा अग्रवाल और बेटी धन्या की लाशें कार में मिली थीं, उसी कार में शौर्य भी गंभीर रूप से घायल पड़ा था। एक्सप्रेसवे के वृंदावन कट के झज्जर अंडरपास के नीचे लावारिस कार के शीशे तोड़कर पुलिस ने शव निकाले।
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अस्पताल में भर्ती घायल शौर्य
- फोटो : अमर उजाला
जिंदगी और मौत की जंग लड़ने वाला शौर्य अग्रवाल आखिरकार इस दुनिया को अलविदा कह गया। चार दिन बाद शनिवार और रविवार रात को 1.20 मिनट पर शौर्य ने दिल्ली के अपोलो अस्पताल में अंतिम सांस ली।
शौर्य का इलाज दिल्ली के अपोलो अस्पताल में चल रहा था। शौर्य ही अपने पिता नीरज अग्रवाल, मां नेहा अग्रवाल और बहन धान्या की मौत का एकमात्र चश्मदीद था। लेकिन उसने भी दुनिया छोड़ दी। ऐसे में मामले की गुत्थी और उलझ गई है।