ताजमहल में पाकिस्तान समर्थक नारेबाजी के बाद चप्पे-चप्पे पर अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाने की कवायद की जा रही है। ताजमहल में सीसीटीवी सर्विलांस कंपनी हिकविजन ने 55 कैमरों को निशुल्क लगाने का करार एएसआई से किया है। पुराने कैमरों की तरह ये कैमरे तार से नहीं बल्कि वाई-फाई से जुड़े होंगे।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
अप्रैल के अंत तक पुराने कैमरे हटाकर ताज में नए कैमरे लगा दिए जाएंगे, जिनमें कई थर्मल कैमरे होंगे, तो प्रवेश द्वारों पर चेहरों की पहचान करने वाले कैमरे भी होंगे। ताजमहल में प्रवेश द्वारों से लेकर मुख्य गुंबद के अंदर, म्यूजियम, शाही मस्जिद, मेहमानखाना, रॉयल गेट, फोरकोर्ट आदि जगहों पर 55 नए कैमरे लगाए जाएंगे।
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यमुना किनारे की ओर लगने वाले कैमरे नाइट विजन से लैस होंगे। बाहर की ओर देखने के लिए थर्मल कैमरे लगाए जाएंगे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को सीसीटीवी कंपनी हिकविजन ने यह पेशकश की थी, जिसे एएसआई ने स्वीकार कर करार कर लिया है। माना जा रहा है कि अप्रैल अंत तक नए कैमरे लगा दिए जाएंगे।
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- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल में अब तक जितनी भी घटनाएं हुई हैं, उनमें सीसीटीवी कैमरे बेकार ही साबित हुए हैं। घटिया क्वालिटी के कारण एक बार भी आरोपियों के चेहरे स्पष्ट नजर नहीं आ सके। उर्स के आखिरी दिन पाकिस्तान समर्थक नारा लगाने वाले युवक का चेहरा पहचान में नहीं आया, वहीं नारेबाजी की आवाज भी रिकार्ड नहीं हुई। पुराने कैमरों के कारण इनमें यह सुविधा है ही नहीं।
अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि ताजमहल में नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। यह कैमरे अत्याधुनिक हैं और रात में भी स्पष्ट तस्वीर दिखा सकेंगे। कई कैमरे चेहरे की पहचान भी कर लेंगे जिससे संदिग्धों के कई बार ताज में प्रवेश को लेकर चौकन्ना हुआ जा सकेगा।