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नवोदय विद्यालय के हॉस्टल में छात्रा की मौतः रात ढाई बजे तक टहलते देखी, सुबह मिला शव

Thu, 05 Dec 2019 11:05 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
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छात्रा का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
मैनपुरी के भोगांव स्थित नवोदय विद्यालय में 11वीं की छात्रा की मौत के बाद जांच में जुटी पुलिस हर पहलू को अच्छी तरह से देख रही है। एएसपी ने प्रधानाचार्य सुषमा सागर, वार्डन विश्ववती त्रिपाठी व अन्य स्टाफकर्मी व हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं से पूछताछ की। रविवार रात करीब सवा नौ बजे वो कक्षा 12 की छात्रा के पास गई। कहा कि वह उसके पास लेटेगी। इस पर छात्रा ने उसे अपना बेड दे दिया। रात करीब एक बजे वो अपने बेड पर चली गई। छात्राओं के अनुसार ढाई बजे तक उसे टहलते हुए देखा गया। 

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छात्रा ने इसी पंखे पर चुनरी डालकर आत्महत्या की, फोरेंसिक टीम जांच करती हुई - फोटो : अमर उजाला
सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे जब पीटी के लिए छात्राएं उठीं, तो छात्रा नजर नहीं आई। करीब छह बजे पूजाघर को बंद देख दीपा और अंशिका ने दरवाजा खींचा तो वह खुल गया। छात्राओं के अनुसार अंदर उसका शव फंदे पर लटका हुआ था। छात्राओं ने जानकारी वार्डन और प्रधानाचार्य को दी और खुद ही टुपट्टा काटकर शव फंदे से उतारा। इसके बाद प्रधानाचार्य स्टॉफ के साथ छात्रा को सोमवार सुबह 6:25 बजे जिला अस्पताल लाईं, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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डीएम और एसपी भी मौके पर पहुंचे - फोटो : अमर उजाला
जिला अस्पताल पहुंची पुलिस ने शव मोर्चरी में रखने के लिए कहा तो परिजनों ने इंकार कर दिया। पोस्टमार्टम कराने से पहले परिजन पिता और भाई का इंतजार करते रहे। सोमवार दोपहर बाद सभी परिजनों के आने पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इसी बीच यहां तनाव का माहौल रहा। खुद एएसपी ओमप्रकाश सिंह व एसडीएम सदर रजनीकांत पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। डीएम और एसपी ने भी पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की।

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छात्रा की मौत के बाद प्रधानाचार्य से बात करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
हॉस्टल के मुख्य हॉल के बाहर बरामदे में एक किनारे कमरा बना हुआ है। इस कमरे को छात्राओं ने पूजा घर बना रखा है। फंदा कमरे में लगी पंखे की रॉड में टुपट्टे से लगाया गया था। ठीक नीचे एक स्टूल रखा था। वहीं छात्रा के शरीर पर जगह-जगह नीले रंग के निशान थे। इन्हीं के आधार पर परिजनों ने मारपीट करने और हत्या का आरोप लगाया है। आशंका यह भी जताई जा रही थी कि छात्रा को जहरीला पदार्थ खिलाने के बाद पंखे से लटका दिया गया हो। परिजनों का आरोप था कि विद्यालय प्रशासन ने उन्हें सूचना नहीं दी। हालांकि प्रधानाचार्य का कहना है कि सबसे पहले उनकी प्राथमिकता छात्रा को अस्पताल लाना था। परिजनों को फोन किया था, लेकिन जो नंबर रिकार्ड में था वह बंद था। अस्पताल में छात्रा के रिश्तेदार से मुलाकात हो गई तो उन्होंने ही परिजनों को सूचना दे दी।
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने शरीर पर चोट के निशान होने की बात कही है। हत्या का आरोप लगाया है। वहीं मृतका के बायें हाथ पर एक मोबाइल नंबर व कुछ और लिखा हुआ था। नंबर के बीच के दो अंक मिटे थे, वहीं नंबर के ऊपर लिखे हुए शब्दों को पेन से काटा गया था। परिजनों का आरोप है कि किसी ने नाम और नंबर मिटाने का प्रयास किया है। पुलिस काफी देर तक नंबर का पता लगाने का प्रयास करती रही, लेकिन साफ न होने के कारण पता नहीं लग सका।
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