नौशाद
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नौशाद ने बताया कि पिछले कई सालों से वह नशे का आदी हो गया था। डॉक्टर से लेकर नीमहकीम को भी दिखाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। किसी ने मोटा मंदिर जाने की सलाह दी। वह यहां आया तो उसकी नशे की आदत छूट गई। उसके जीवन में परिवर्तन आया, इसलिए उसने पत्नी के साथ हनुमान की पूजा अर्चना शुरू कर दी। उसका कहना है कि सबका मालिक एक है, भेदभाव सिर्फ मनुष्य करता है।