रेखा का फाइल फोटो
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रेखा के स्कूटर से आए थे तीनों
योजना के तहत तीनों रेखा की एक्टिवा पर धूलिया गंज तक आए। धूलिया गंज पर स्कूटर खड़ा करके तीनों पैदल रेखा के घर पहुंचे। संतोष ने दरवाजा खटखटाया। रेखा के बेटे वंश उर्फ टुकटुक ने दरवाजा खोला। संतोष ने कहा कि यह मकान देखने आए हैं। टुकटुक ने मां से पूछा। रेखा ने तीनों को नीचे ही कमरे में बैठाने के लिए बोल दिया। वह पूजा कर रही थी। टुकटुक बाजार से कपूर, फूल, कलावा, समोसे लेकर आया। वहीं दूसरी तरफ रेखा ने तीनों को ऊपर बुला लिया। संतोष नींद की गोलियां लेकर गया था। संतोष ने रेखा से कहा कि वह दवाई लाया है। यह डॉक्टर ने दी हैं, इससे शरीर का दर्द कम हो जाएगा। उसने रेखा को दूध में गोलियां दे दीं। बातचीत के दौरान बच्चों को भी दूध में नींद की गोलियां मिलाकर दे दीं। मगर, सभी को गोलियों का असर कम हुआ। वह बेहोश नहीं हुए।