डायना सीट पर बैठकर ताजमहल के सामने फोटोग्राफी कराने वाले सैलानियों को अब न केवल ताज चमका नजर आएगा, बल्कि फोटो में लोहे के पाइपों वाली पाड़ भी नजर नहीं आएगी जो ताजमहल के मडपैक के लिए लगाई गई है।
विज्ञापन
2 of 6
ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने तय समय से दो महीने पहले ही ताजमहल मुख्य गुंबद के नीचे दक्षिणी दीवार से मडपैक का काम खत्म कर दिया। शुक्रवार को ताज की दक्षिण-पूर्वी मीनार से भी लोहे के पाइपों की पाड़ हटा दी गई।
विज्ञापन
3 of 6
ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
एएसआई रसायन शाखा के अधीक्षण पुरातत्व रसायनविद् डा. एम के भटनागर के नेतृत्व में चल रहे मडपैक के काम में सबसे ज्यादा दिक्कत मुख्य गुंबद की दक्षिणी दीवार पर हुई। यहां से गुंबद में कब्रों को देखने के लिए सैलानी प्रवेश करते हैं।
4 of 6
ताजमहल
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा
दक्षिणी दीवार पर सितंबर अंत तक काम होना था, लेकिन इसे शुक्रवार को ही पूरा कर लिया गया। अब इसकी धुलाई का काम अगले दिनों में किया जाएगा। दक्षिणी दीवार के बाद यमुना किनारा की उत्तरी दीवार, पश्चिमी दीवार और दक्षिण-पश्चिमी दीवार पर मडपैक होना है। गुंबद के नीचे काम होने के बाद ऊपर चारों छतरियों और बाद में मुख्य गुंबद, पिनेकल का केमिकल ट्रीटमेंट किया जाएगा।
विज्ञापन
5 of 6
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
दूसरी ओर देश और दुनिया के बड़े टूर आपरेटरों ने ताजमहल के मडपैक को कैश किया है। उन्होंने पर्यटकों से 1942 के द्वितीय विश्व युद्ध के समय गुंबद को ढकने के समान ही इस बार मडपैक का साक्षी बनने का आफर दिया है।
ज्यादातर आपरेटर मडपैक की पूरी जानकारी पर्यटकों को उपलब्ध करा रहे हैं। यही नहीं, गाइडों के लिए भी यह एक इवेंट की तरह है। वीवीआईपी पर्यटक काले ताज के बाद सबसे ज्यादा मडपैक के बारे में ही पूछताछ कर रहे हैं।