Mother's Day 2019 पर पढ़िए उन महिला पुलिसकर्मियों की कहानी, जो खाकी के साथ-साथ मां का फर्ज बखूबी निभा रही हैं। इन्हें 24 घंटे की कठिन ड्यूटी करनी पड़ती है। परिवार के लिए समय निकालना भी मुश्किल हो जाता है। अपने विभाग के कार्य संपन्न करने के बाद जब भी वक्त मिलता है तो परिवार को देती हैं। एक गृहणी की तरह सभी जिम्मेदारियों को निभाती हैं। घर के कार्य ही नहीं, बल्कि बच्चों तक को संभालती हैं।
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महिला सिपाही अर्चना जयंत
मूलरूप से बाह के गांव विद्याराम पुरा की अर्चना जयंत पत्नी नीलेश जयंत वर्ष 2016 बैच की सिपाही हैं। उनकी पोस्टिंग सबसे पहले झांसी में हुई। ससुराल कानपुर में है। उनकी दो बेटियां 11 साल की कनक और एक साल की अनिका है। अर्चना बताती हैं कि पति गुड़गांव में नौकरी करते हैं। इस कारण वो झांसी में अकेली रहती थीं।
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बेटी के साथ अर्चना जयंत की यह तस्वीर हुई थी वायरल
छोटी बेटी को अर्चना ऑफिस ले जाती थीं। अक्तूबर 2018 में ड्यूटी के दौरान बेटी के साथ उनके फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे। सोशल मीडिया यूजर ने उन्हें 'मदर कॉप' का नाम दिया। ये तस्वीरें वायरल होने के बाद डीजीपी ने अर्चना को उनके परिवार के नजदीक के जनपद में पोस्ट करने के आदेश किए। इस पर वो आगरा आ गईं। वो थाना सदर में तैनात हैं। अब वो थाने में ड्यूटी की जिम्मेदारी निभाती हैं और दोनों बेटियों को भी संभालती हैं।
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बेटी के साथ एसआई अलका ठाकुर
मूलरूप से मुरादाबाद की रहने वाली अलका सिंह वर्ष 2000 बैच की एसआई हैं। वो मुजफ्फरनगर, मेरठ में कई थानों की प्रभारी रहीं। अब आगरा में परिवार परामर्श केंद्र की प्रभारी हैं। वो आपसी सहमति से परिवारों को जोड़ने का कार्य कर रही हैं। पिछले दिनों उन्हें मुख्यमंत्री ने भी लखनऊ में सम्मानित किया था।
अलका सिंह अपनी ड्यूटी के साथ ही परिवार की जिम्मेदारी भी बेहतर तरीके से निभा रही हैं। पति बाहर ड्यूटी पर रहते हैं। उनकी साढ़े तीन साल की बेटी शुभि है। अलका सिंह ने बताया कि वह बेटी को स्कूल भेजने से लेकर स्कूल से आने के बाद उसका हर काम खुद ही करती हैं। कई बार 12 घंटे से अधिक भी ड्यूटी करनी पड़ती है। इसके बावजूद वह अपने काम से पीछे नहीं हटती। जब भी समय मिलता है परिवार की जिम्मेदारी को पूरी तरह से निभाती हैं।