एशिया की सबसे बड़ी घड़ियाल सेंक्च्युरी के कुनबे में गुरुवार को 1225 घड़ियाल और शामिल हो गए। मदर कॉल (नेस्ट से आने वाली सरसराहट की आवाज) पर पहुंची मादा ने बालू हटाई तो अंडों से बाहर निकले बच्चों ने चंबल नदी का रुख किया। नदी में नर घड़ियाल ने बच्चों की अगवानी की। 65 से 70 दिन का अंडे सेने का समय शुरू होने पर वन विभाग ने घोंसलों पर लगी जाली हटा दी थी। आगरा के बाह रेंज के रेंजर आरके सिंह राठौड़ ने बताया कि रेहा से उदयपुर खुर्द तक 18 स्थलों पर घोंसले बनाए गए थे। 1225 घड़ियालों का जन्म हुआ है। वनकर्मियों की निगरानी में घड़ियाल शिशु चंबल नदी में पहुंचा गए हैं। उन्होंने बताया कि घड़ियाल के साथ ही मगरमच्छ की हैचिंग की वन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। समय से पहले हैचिंग का दौर शुरू होने के पीछे बढ़ा हुआ तापमान अहम वजह माना जा रहा है।