ताजमहल में पर्यटकों को उत्पाती बंदरों से बचाने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के कर्मचारियों को तैनात किया गया है, लेकिन फिर भी आतंक कम नहीं हुआ है। बंदर लगातार खूंखार हो रहे हैं और पर्यटकों को निशाना बना रहे हैं। बृहस्पतिवार को बंदरों ने एक और पर्यटक को काट लिया।
10 दिन में सातवीं घटना
पश्चिम बंगाल निवासी 65 वर्षीय सलाम ताजमहल देखने आए थे। मुख्य मकबरे पर जाने से पूर्व चमेली फर्श पर पहुंचे ही थे कि मेहमानखाने की ओर से आये बंदरों ने उन्हें घेर लिया। एक बंदर ने उन्हें काट लिया। सलाम के चिल्लाने पर सीआइएसएफ के जवानों ने बंदरों को भगाया और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। 10 दिन में बंदर 7 पर्यटकों को काट चुके हैं। बुधवार को स्पेनिश पर्यटक को ताजमहल का दीदार करने के दौरान बंदरों ने काट लिया था। ताजमहल का टिकट खरीदने के दौरान ये घटना उनके साथ हुई, जिससे वे दहशत में आ गईं।
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स्पेन की युवती को बंदर ने काटा
- फोटो : अमर उजाला
स्पेन की पर्यटक क्रिस्टीना बुधवार को जब टिकट काउंटर से ताजमहल का टिकट खरीद रहीं थी, तब बंदरों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। बचते बचते भी उनके पैर में बंदर ने काट लिया, जिस पर गाइड ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। पर्यटक क्रिस्टीना को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाया गया है।
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बंदरों के हमले में घायल हुई पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
स्पेनिश पर्यटक अपने साथियों के साथ 19 सितंबर की सुबह ताजमहल में पहुंची। विदेशी पर्यटक ताज में मोबाइल से फोटो खींच रहे थे, तभी बंदरों ने महिला पर्यटक पर हमला कर उसकी टांग में काट लिया। फोटोग्राफर और एएसआई कर्मचारी ने उसके पैर में पट्टी बांधी।
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ताजमहल के आसपास रहते हैं बंदर
- फोटो : अमर उजाला
दशहरा घाट मंदिर की ओर से हर दिन सुबह और शाम को खाने की तलाश में बंदरों का बड़ा झुंड ताजमहल में पहुंचता है। ये बंदर पर्यटकों पर हमलावर हो जाते हैं। स्थानीय लोगों भी उत्पाती बंदरों से परेशान हैं।
ताज में बंदर भगाते ASI कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
नगर निगम को पत्र लिखने के बाद भी बंदरों की धरपकड़ नहीं होने पर एएसआई के अधिकारियों ने बंदरों को भगाने के लिए चार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई, लेकिन बंदरों का उत्पात फिर भी नहीं थमा। सोमवार को फिर घटना हो गई।