मथुरा के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में सुरक्षा में तैनात दरोगा की टोपी लेकर बंदर भाग गया। यह देख मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। दरोगा और वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मी बंदर से टोपी छुड़ाने के प्रयास में जुट गए। काफी प्रयास के बाद बंदर ने टोपी को नीचे फेंक दिया, जिसके बाद दरोगा ने अपनी टोपी संभाली और ड्यूटी स्थल पर वापस चले गए।
ड्यूटी पर जाने के दौरान बंदर ने की करामात
वृंदावन में बंदरों का आतंक तेजी के बढ़ रहा है। कुछ दिन पहले ही यहां के बांकेबिहारी मंदिर में निरीक्षण करने के लिए पहुंचे जिलाधिकारी नवनीत चहल का बंदर चश्मा लेकर भाग गए थे, तो वहीं मंगलवार को बांकेबिहारी मंदिर में तैनात दरोगा की टोपी बंदर ले गया। बंदर को पेय पदार्थ दिया गया इसके बाद टोपी लौटाई।
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दरोगा की टोपी ले गया बंदर
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर करीब 12 बजे बांकेबिहारी पुलिस चौकी पर तैनात दारोगा ने अपनी कैप उतारकर गेट नंबर एक के समीप बनी चौखंडी पर रख दी और पानी पीने के लिए चले गए थे। तभी बंदर आया और दरोगा की कैप लेकर मंदिर के गेट की गैलरी में जा बैठा।
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दरोगा की टोपी ले गया बंदर
- फोटो : अमर उजाला
उसे खाने-पीने से लेकर अन्य चीजों का लालच दिया गया, लेकिन बंदर दरोगा की टोपी छोड़ने को तैयार नहीं हुआ। वहां मौजूद एक सिपाही पेय पदार्थ लेकर आया और बंदर को दी। तब उसने टोपी लौटा दी।
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डीएम का चश्मा छीन ले गए बंदर
- फोटो : अमर उजाला
बता दें इससे पहले बुधवार को मथुरा के जिलाधिकारी नवनीत चहल वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर पर निरीक्षण करने के लिए पहुंचे थे। जैसी ही डीएम मंदिर के पास पहुंचे तो अचानक से एक बंदर उनके चश्मे को लेकर भाग गया। जिलाधिकारी का चश्मा लेकर भागते हुए बंदर के पीछे वहां तैनात पुलिस कर्मी दौड़ पड़े, लेकिन बंदर की फुर्ती के आगे सभी पीछे रह गए।
पुलिसकर्मियों ने काफी प्रयास किया, लेकिन बंदर ने चश्मा नहीं दिया। फिर स्थानीय लोगों के साथ मंदिर के गोस्वामी और पुलिस कर्मियों ने बड़ी मुश्किल से बंदर के चंगुल से डीएम के चश्मे को वापस कराया।