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मिशन 2050: 'तभी सब मिलकर रह सकेंगे...', धर्मांतरण गिरोह के खतरनाक मंसूबे, दावाह में खेला जाता था ऐसा गंदा खेल

Sun, 27 Jul 2025 04:42 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

आगरा में सदर क्षेत्र की सगी बहनों के धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया। साथ ही कई युवतियों को गिरोह के चंगुल से मुक्त कराया। पुलिस पूछताछ में कई बड़े राज खुले हैं। गिरोह खतरनाक मंसूबों के साथ मिशन 2050 पर काम रहा था। 
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धर्मांतरण गिरोह करता था दावाह का आयोजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आगरा में अवैध धर्मांतरण गिरोह के चंगुल से मुक्त कराई गई बरेली की रहने वाली सुमैया ने पुलिस के सामने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। उसने बताया कि उसे कश्मीर बुलाया गया था। कश्मीर की युवतियों ने उसे दावाह में बुलाया था। इसमें उसे बताया गया कि 2050 तक पूरे भारतवर्ष में इस्लाम को फैलाएंगे। इससे अधिक से अधिक लोग मुस्लिम धर्म अपना चुके होंगे। तभी सभी लोग एक साथ मिलकर रह सकेंगे। 

 
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धर्मांतरण गिरोह का पर्दाफाश - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि दावाह इस्लाम की एक प्रथा है, जिसमें इस्लाम को मानने वाले अन्य धर्मावलंबियों को बौद्धिक विमर्श के लिए आमंत्रित किया जाता है। बौद्धिक विमर्श के बाद अपने धर्म में इनको शामिल करते हैं। बाद में लोगों को इस्लाम की अच्छाइयां एवं अन्य धर्म के प्रति नकारात्मक बातों को दिमाग में भरा जाता है। 
 
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धर्मांतरण गिरोह - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यदि किसी को अपने परिवार से कोई समस्या है तो परिवार के बारे में भी नकारात्मक बातें दिमाग में भरते हैं। जो लोग इस कार्य में शामिल हैं, वो लोग थाना, न्यायालय, अस्पताल एवं बगीचे आदि जैसी जगहों पर जमात के दरमियान जाते हैं, चूंकि इन जगहों पर दुखी लोग ज्यादा रहते हैं। उन लोगों को दावाह के माध्यम से अपने धर्म में परिवर्तन करने का प्रयास करते हैं। जो लोग धर्म परिवर्तन करते हैं, उन लोगों को रिवर्ट (रिवर्टी) का नाम देते हैं। कई माइक्रोब्लॉगिंग साइट्स पर रिवर्ट के नाम से कई ग्रुप देखने को मिल रहे हैं।
 

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धर्मांतरण गिरोह का सदस्य रहमान कुरैशी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कश्मीर और पाकिस्तान में बैठे गिरोह के सदस्यों से संबंध
धर्मांतरण के लिए तैयार होने वाले युवक-युवतियों को कश्मीर बुलाया जाता था। उन्हें धर्म पर चर्चा और बौद्धिक विचारों को साझा करने के लिए आयोजित बैठक यानी की दावाह में विशेष रूप से आमंत्रित किया जाता था। इस दौरान मुस्लिम धर्म से जुड़े लोग और हिंदू धर्म के लोगों में बातचीत कराई जाती थी। हिंदू धर्म के बारे में भड़काकर मुस्लिम धर्म के बारे में बताया जाता था। पूरी तरह से ब्रेनवाॅश करने के लिए ऑनलाइन पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर भी शामिल होते थे।

 
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धर्मांतरण - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि धर्म परिवर्तन करने वाले अधिकांश लोगों के संबंध कश्मीर और पाकिस्तान में बैठे गिरोह के सदस्यों से सामने आए हैं। जितनी भी युवतियां अब तक मुक्त कराई गई हैं, वो पाकिस्तान से जुड़े हुए लोगों के साथ धर्म परिवर्तन के संबंध में उनके बौद्धिक विचारों को सुनती थीं। उसमें सहभागी रहती थीं। कुछ लड़कियों के संबंध कश्मीर की लड़कियों के साथ मिले, जो इनके मस्तिष्क में उनके परिवार के खिलाफ एवं धर्म के खिलाफ भड़काती थीं। अपने धर्म इस्लाम में आने के लिए प्रेरित करती थीं।
 
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धर्मांतरण गिरोह - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रुप में ऑनलाइन जोड़ने थे तनवीर और साहिल
कश्मीरी लड़कियां पाकिस्तान से चलने वाले ग्रुप से सभी को जोड़ने का काम करती हैं। पाकिस्तान का तनवीर अहमद और साहिल अदीम आदि सभी को मुस्लिम धर्म के बारे में बताते थे। गिरोह से जुड़े लोग राष्ट्रीय एवं आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं। इनके बारे में सुरक्षा एजेंसियां जांच पड़ताल में जुटी हुई हैं।


 
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मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गिरोह के हर सदस्य और पीड़िताओं का रहमान और आयशा से संपर्क
दिल्ली का रहने वाला अब्दुल रहमान और गोवा की आयशा उर्फ एसबी कृष्णा अवैध धर्मांतरण करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना हैं। पुलिस ने गिरोह के जितने भी सदस्यों को पकड़ा है और उनके चंगुल से जितनी भी युवतियों को छुड़ाया है, उन सभी का संपर्क आयशा और अब्दुल रहमान से सामने आया है। मूल रूप से फिरोजाबाद के रहने वाले अब्दुल रहमान ने 1990 में अपना धर्म परिवर्तन किया था। वह अवैध धर्मांतरण के मामले में उम्रकैद की सजा पाए कलीम सिद्दीकी का सहयोगी है।

 
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आगरा धर्मांतरण केस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस की अब तक की पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह के संपर्क में उत्तराखंड के देहरादून, उत्तर प्रदेश के बरेली, अलीगढ़, आगरा, रायबरेली, हरियाणा के झज्जर व रोहतक की युवतियां आईं, जिनको धर्म परिवर्तन के लिए बहकाया गया था। उन सभी से दोनों ने बातचीत की थी। गिरोह से छुड़ाई गईं अधिकतर युवतियों को पुलिस ने घर पहुंचा दिया है। उन्हें सरकारी गवाह भी बनाया गया है।

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